ग्राम हथिनी में किया गया उन्नत कृषि यंत्र मल्चर का प्रदर्शन
नरवाई प्रबंधन के लिए मल्चर अत्यंत उपयोगी कृषि यंत्र है- उप संचालक कृषि श्री सिंह
छिन्दवाड़ा(चौथा स्तंभ) जिले के विकासखंड चौरई के ग्राम हथिनी के किसान श्री दिलीप सिंह चौहान के यहां आज उन्नत कृषि यंत्र मल्चर का प्रदर्शन उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह व छिंदवाड़ा कृषि वैज्ञानिकों के टीम के साथ निरीक्षण किया गया। इस दौरान यह देखा गया कि छिंदवाड़ा जिले में जहां लगभग चार लाख हेक्टर में मक्का की फसल होती है, वहां पर मल्चर मक्का की नरवाई प्रबंधन के लिए बहुत ही बेहतर कृषि यंत्र है। मल्चर से मक्का की नरवाई को टुकड़े-टुकड़े में करके मिट्टी में मिला दिया जाता है, जिससे खाद के रूप में मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और साथ ही नरवाई में आग लगने की समस्या से निजात मिलती है। पर्यावरण का नुकसान भी नहीं होता एवं नरवाई जलाने की कोई समस्या नहीं रहती। इसलिये जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की जाती है कि इन उन्नत कृषि यंत्रों सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, मल्चर आदि का उपयोग कर नवाई का प्रबंध करें एवं अपनी मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाएं ओर पर्यावरण को बचाएं। निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि श्री सिंह, एसडीओ श्री नीलकंठ पटवारी, कृषि वैज्ञानिक डॉ.संत कुमार शर्मा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री उमेश पाटिल सहित किसान उपस्थित थे ।

उप संचालक कृषि श्री सिंह ने बताया कि कृषि अभियांत्रिकी से 86000 रूपये अनुदान पर किसान ने मल्चर खरीदा है, जिसमें कृषक अंश 01 लाख 09 हज़ार रुपए किसान के लगे हैं। इसकी विशेषता यह है, कि यह कृषि यंत्र मल्चर 35 एचपी एवं 40 एचपी के ट्रेक्टर से चल जाता है, जबकि सुपरसीडर/हैप्पीसीडर के लिये 45 एचपी या उससे अधिक एचपी का ट्रेक्टर चाहिए होता है। इस प्रति घंटे ज़मीन के अनुसार एक से डेढ़ एकड़ ज़मीन की नरवाई का प्रबंधन हो जाता है।
