किताबों से खेत तक: शा.उ.मा.वि. शिवपुरी के छात्रों ने रचा इतिहास, स्कूल में उगाए मशरूम
नई शिक्षा नीति की बड़ी सफलता, 62 छात्रों ने सीखा स्वरोजगार का हुनर
Byadmin- 30 January 2026
छिंदवाड़ा(चौथा स्तंभ)
नई शिक्षा नीति अब कागजों तक सीमित नहीं रही, बल्कि ज़मीन पर नतीजे देने लगी है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवपुरी में कृषि विषय के छात्रों ने मशरूम उत्पादन कर यह साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी आधुनिक और लाभकारी कृषि तकनीकों में किसी से पीछे नहीं हैं। विद्यालय में आयोजित विशेष व्यवसायिक कार्यशाला के तहत 62 छात्र-छात्राओं ने सफलतापूर्वक मशरूम उत्पादन किया।

किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यवहारिक प्रशिक्षण
विद्यालय में व्यवसायिक शिक्षा कृषि विषय के अंतर्गत विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यवहारिक एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को आत्मनिर्भर बनाना और भविष्य में स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करना है।

मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया सिखाई
व्यवसायिक शिक्षक (कृषि विषय) द्वारा विद्यार्थियों को मशरूम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें कच्चे माल की तैयारी, स्पॉनिंग, उचित तापमान एवं नमी की देखभाल, उत्पादन तथा विपणन तक की जानकारी व्यवहारिक रूप से दी गई। छात्रों ने स्वयं मशरूम उगाकर सीखने की प्रक्रिया को जीवंत रूप दिया।

प्राचार्य के मार्गदर्शन में सफल आयोजन
यह संपूर्ण गतिविधि विद्यालय के प्राचार्य पवन कुमार बर्मन के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संपन्न हुई। उनके नेतृत्व में विद्यालय रोजगारपरक शिक्षा का केंद्र बनता जा रहा है, जहां छात्र भविष्य की तैयारी आज ही कर रहे हैं।

रोजगार की नींव रखती नई शिक्षा नीति
मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रकार की व्यवसायिक शिक्षा से विद्यार्थी न केवल रोजगार योग्य बनेंगे, बल्कि आगे चलकर स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकेंगे। इससे वे आत्मनिर्भर बनते हुए समाज और देश के आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएंगे।

