भाजपा सरकार की पहचान काम से नहीं, नाम बदलने से हो रही- ओकटे

Chautha Sthambh

कांग्रेस कल गांधी चौक पर करेगी विरोध प्रदर्शन….

भाजपा सरकार की पहचान काम से नहीं, नाम बदलने से हो रही- ओकटे

छिन्दवाड़ा (चौथा स्तंभ) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को वर्ष 2006 में कांग्रेस की सरकार ने प्रारंभ किया था। मनरेगा योजना के तहत ग्रामीणजन को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी। भाजपा अपने सम्पूर्ण कार्यकाल में ऐसी योजना नहीं ला पाई। भाजपा ने केवल नाम बदलने की राजनीति की है, काम की नहीं। उक्त उदगार जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री विश्वनाथ ओकटे ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से व्यक्त किए।

श्री विश्वनाथ ओकटे ने आगे कहा कि केन्द्र व राज्य की भाजपा सरकार के द्वारा मनरेगा का नाम बदला जाना उनकी कुत्सित मानसिकता का प्रमाण है। इसके पूर्व भी भाजपा ने सिर्फ और सिर्फ नाम बदला है। अब महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर “वीबी” विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) करना भाजपा का सोचा समझा राजनीतिक षड्यंत्र है, जिसकी कांग्रेस पुरजोर निंदा करती है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम बदले जाने के विरोध में दिनांक 21 दिसम्बर 2025 दिन रविवार को दोपहर 1.30 बजे महात्मा गांधी चौक (फव्वारा चौक) में शहर कांग्रेस कमेटी के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्री पप्पू यादव ने आयोजित विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस के समस्त पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है।

- Advertisement -
  • श्री ओकटे ने आगे कहा कि भारत में पंचायती राज्य की स्थापना 2 अक्टूबर 1959 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी ने की थी। तत्कालीन प्रधान मंत्री राजीव गांधी जी ने 73 वां संशोधन की परिकल्पना की, जिसके उपरांत सन 1992 में यह संशोधन किया गया। जब माननीय कमलनाथ जी केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री थे, उन्होंने 73 वें संशोधन के उपरांत सर्वप्रथम मप्र में पंचायतों के चुनाव की सिफरिशें की, जिसके पश्चात मप्र में सर्वप्रथम यह चुनाव सम्पन्न हुए। संशोधन के पीछे का उद्देश्य पंचायती राज को स्वतंत्र अधिकार देना व सशक्त करना था, किन्तु भाजपा ने सत्ता में आते ही पंचायती राज को कमजोर कर दिया, आज पंचायती राज की बिगड़ी हुई तस्वीर सभी के सामने हैं। अब ये मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को भी बर्बाद करने में जुट चुके हैं, किन्तु हम उन्हें कामयाब नहीं होने देंगे।

    भाजपा सरकार ने मनरेगा को निरस्त करने के लिए एक विधेयक पेश कर अधिकार आधारित जन कानून को कमजोर करने और भारत के सबसे पहचाने जाने वाले जन कल्याणकारी कानून से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम और मूल्यों को मिटाने का कुत्सित प्रयास कर रही है। भाजपा सरकार से हमारा सवाल है कि आखिर नाम बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ी? क्या गोड़से को मानने वाली भाजपा अब महात्मा गांधी जी के नाम से इस कदर चिड़ चुकी है कि वह नाम बदलने के लिए कानून ला रही। यह सिर्फ नाम बदलने की नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की बेरोजगार जनता को उनके रोजगार से भी विमुख करने की साजिश है। जिसका कांग्रेस कड़ा विरोध करेगी।

    श्री विश्वनाथ ओकटे ने आयोजित विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी व शहर कांग्रेस कमेटी के समस्त पदाधिकारी व सदस्यगण, समस्त विधायकगण, विधानसभा प्रभारी, पर्यवेक्षक, ब्लॉक, उप ब्लॉक, क्षेत्रीय एवं शहर अध्यक्ष एवं पदाधिकारीगण, समस्त मोर्चा संगठन के जिला एवं ब्लॉक अध्यक्ष एवं पदाधिकारीगण, समस्त विभाग, प्रकोष्ठ के जिला एवं ब्लॉक अध्यक्ष, पदाधिकारीगण, समस्त निर्वाचित सदस्य, सरपंच व पंचगण, नगरीय निकाय के सम्मानित समस्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेताप्रतिपक्ष एवं पार्षदगण से आग्रह किया है कि वे आयोजित आंदोलन में निर्धारित समय से सम्मिलित होकर विरोध प्रगट करें।

    Share This Article
    Leave a Comment

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *