खबर का असर: नियम विरुद्ध अटैचमेंट पर कार्रवाई, शिक्षिका गायत्री सनोडिया अधीक्षक पद से हटाई गईं
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ)। जनजातीय कार्य विभाग में परिवीक्षा शिक्षकों के नियम विरुद्ध अटैचमेंट को लेकर प्रकाशित खबर का असर अब दिखने लगा है। विभाग ने कार्रवाई करते हुए नियमों के विपरीत अधीक्षक पद पर अटैच की गई शिक्षिका गायत्री देवी सनोडिया को उक्त पद से हटा दिया है। इस कार्रवाई को प्रशासनिक हलकों में खबर के बाद उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि आयुक्त जनजातीय कार्य द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि परिवीक्षा अवधि के दौरान किसी भी शिक्षक का तबादला या अटैचमेंट नियम विरुद्ध है और ऐसे आदेश स्वतः निरस्त माने जाएंगे। इसके बावजूद जुन्नारदेव विकासखंड में पदस्थ शिक्षिका गायत्री देवी सनोडिया को चौरई विकासखंड के हरदुआ माल स्थित आदिवासी बालक आश्रम में अधीक्षक के रूप में अटैच किया गया था, जिस पर सवाल उठे थे।
मामला उजागर होने के बाद विभाग ने त्वरित संज्ञान लेते हुए अटैचमेंट निरस्त कर दिया। सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण के बाद जिले में अन्य अटैचमेंट आदेशों की भी समीक्षा शुरू हो गई है। इससे विभाग के भीतर लंबे समय से चल रही कथित मनमानी पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि नियमों का सख्ती से पालन हुआ तो दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर होगी। वहीं स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की व्यापक जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि नियम विरुद्ध आदेश जारी कैसे हुए और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।
अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ एक मामले तक सीमित रहेगी या विभाग में चल रही अन्य अनियमितताओं पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
