चीमन खापा में आग का कहर: गेहूं की फसल के साथ संतरे के बाग भी जले, किसानों को भारी नुकसान
विशेष रिपोर्ट -ठा.रामकुमार राजपूत
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) पांढुर्णा जिलें के चीमन खापा गांव में गुरुवार को लगी भीषण आग ने किसानों की मेहनत को राख में बदल दिया। आग की चपेट में आकर गेहूं की खड़ी फसल के साथ संतरे के पेड़ भी जलकर खाक हो गए, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

पलभर में राख हुई महीनों की मेहनत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही समय में कई एकड़ खेत आग की चपेट में आ गए और पूरी फसल जलकर नष्ट हो गई।

संतरे के बाग भी नहीं बचे
आग की लपटों ने आसपास लगे संतरे के बागों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बागवान किसानों को भी बड़ा झटका लगा है।
ग्रामीणों की सूझबूझ से टली बड़ी दुर्घटना
आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। तेज हवा के कारण हालात बेकाबू हो गए थे, लेकिन बाद में दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया।
गनीमत रही कि आग गांव तक नहीं पहुंची, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
लाखों का नुकसान, किसानों में आक्रोश
इस आगजनी में कई किसानों की पूरी फसल और बाग नष्ट हो गए हैं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजा देने की मांग की है।
कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
मांग – जल्द मिले राहत राशि
ग्रामीणों और किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द सर्वे कर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए, ताकि वे दोबारा खेती कर सकें।

