किसानों को मिला टिकाऊ कृषि का सहारा: आधुनिक तकनीक और मजबूत बाजार से बदली छिंदवाड़ा की तस्वीर
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ)। खेत और किसान को देश की रीढ़ मानते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ ने छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र में किसानों को केवल वादों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि टिकाऊ कृषि और आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें मजबूत बाजार उपलब्ध कराया। इसी सोच का परिणाम है कि आज जिले के आधे से अधिक गांवों तक ITC Limited का मजबूत नेटवर्क किसानों को मार्गदर्शन, उन्नत बीज और बाजार उपलब्ध करा रहा है।
साल 2003 से शुरू हुई इस पहल ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए किसानों को सब्जी, फल, फूल और उन्नत अनाज उत्पादन की ओर प्रेरित किया। वर्तमान में जिले के 8 ब्लॉकों में 63 ई-चौपाल के माध्यम से 562 गांव सीधे जुड़े हैं। साथ ही 12 निगमित और 7 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के जरिए किसानों को संगठित कर बाजार से जोड़ा गया है। सोयाबीन और मक्का उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय में स्थायी सुधार लाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए गए।
बम्पर खरीदी से किसानों को भरोसेमंद बाजार
किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए गेहूं और मक्का की बड़े स्तर पर खरीदी की गई। वर्ष 2024-25 में लगभग 7 हजार किसानों से 9 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जबकि 2025-26 में 10 हजार किसानों से 15 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हुई। सप्लायर्स के माध्यम से भी हजारों मीट्रिक टन उपज खरीदी कर किसानों को स्थिर और भरोसेमंद बाजार दिया गया।
तकनीकी प्रशिक्षण से मजबूत हो रहा अन्नदाता
पिछले तीन वर्षों में सैकड़ों प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर करीब 4 हजार किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक सिखाई गई। वर्ष 2006 में स्थापित “चौपाल सागर” हर साल 50 हजार से अधिक किसानों को प्रशिक्षण और सेवाएं प्रदान कर रहा है। इसके साथ ही डिजिटल पहल के तहत ITCMAARS एप के जरिए किसानों को जलवायु अनुकूल खेती और उच्च उत्पादक किस्मों की जानकारी दी जा रही है।
नई पीढ़ी के लिए डिजिटल कृषि की पहल
कृषि में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, मिट्टी परीक्षण, सलाहकारी वीडियो और प्रमाणित बीज वितरण जैसे कदम उठाए गए हैं। हजारों किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, उन्नत बीज और कृषि रसायन उपलब्ध कराकर उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है।
चिप्स वाले आलू की खेती बनी आय का मजबूत आधार
जिले में चिप्स ग्रेड आलू की खेती किसानों के लिए स्थायी आय का जरिया बन चुकी है। निश्चित दर पर बीज और तय मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है, जिससे बड़ी संख्या में किसान इस खेती से लाभान्वित हो रहे हैं।
कुल मिलाकर टिकाऊ कृषि, आधुनिक तकनीक और मजबूत बाजार व्यवस्था ने छिंदवाड़ा जिले में खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में नई मिसाल पेश की है, जिससे हजारों किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।
किसानों को मिला टिकाऊ कृषि का सहारा: आधुनिक तकनीक और मजबूत बाजार से बदली छिंदवाड़ा की तस्वीर
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