खाद की कीमतों में मनमानी से रिटेलर्स नाराज:चौरई में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन,
होलसेलर्स और कृषि अधिकारी पर लगे आरोप…
रिपोर्ट- ठा. रामकुमार राजपूत
दिनांक 02/11/2025
छिंदवाड़ा( चौथा स्तंभ )जिलें में इन दिनों थोक उर्वरक विक्रेता विक्रेताओं द्वारा निर्धारित दरों से अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचने और ट्रेकिंग (दहेज़)जैसी अतिरिक्त वसूली करने का मामला सामने आया है। इस मनमानी से खुदरा विक्रेताओं और क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। चौरई क्षेत्र के सैकड़ों रिटेलर उर्वरक दुकानदार ने कलेक्टर, कृषि उपसंचालक, अनुविभागीय अधिकारी चौरई को ज्ञापन दिया
खुदरा व्यापारियों का कहना…
चौरई क्षेत्र के खुदरा खाद विक्रेताओं का कहना है कि थोक विक्रेता यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरक निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर दे रहे हैं जिससे खुदरा व्यापारियों को मजबूरी में किसानों से अधिक दाम वसूलने पड़ रहे हैं..
किसानों से हमारी आजीविका चलती है…
खुदरा व्यापारियों का कहना है कि किसान भाइयों से हमारी आजीविका चलती है, हम किसानों भाईयों से जुड़े है। हम किसान भाईयों को, बीज एंव कृषि उपकरण भी उपलब्ध कराते हैं लेकिन थोक विक्रेताओं की मनमानी के कारण किसानों का विश्वास हमसे उठता जा रहा है..
खुदरा उर्वरक व्यापारियों ने बताया….
चौरई क्षेत्र के खुदरा उर्वरक व्यापारियों ने बताया कि शासन के निर्देश अनुसार पटवारी द्वारा सत्यापित कृषक पुस्तिका के आधार पर प्रति एकड़ दो बैग यूरिया और एक बैक डीएपी किसानों को निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए परंतु वास्तविकता इसकी विपरीत है हमें दहेज के साथ रह पॉइंट से ही महंगे दामों में उर्वरक कंपनी डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा दिया जा रहा है मजबूरी में हम किसानों को महंगे दामों में उर्वरक दहेज के साथ देना पड़ रहा है..और किसान भाई भी मजबूरी में खरीद रहे हैं..
खुदरा उर्वरक विक्रेताओं ने कृषि विभाग लगाए गंभीर आरोप…
खुदरा उर्वरक विक्रेताओं का आरोप है कि जिलें के कृषि विभाग के अधिकारी की मिलीभगत से जिले में बड़े पैमाने पर खाद की काला बाजारी हो रही है, जिससे फुटकर दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दुकानदार बोले- सेम रेट से होता है नुकसान..
चौरई क्षेत्र के सैकड़ो रिटेलर दुकानदारों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि जिले में खाद वितरण की पूरी व्यवस्था चरमराई हुई है। यूरिया खाद होलसेलर के द्वारा हमें महंगे दामों में ( टैगिंग) के साथ बेचते हैं, जबकि शासन द्वारा किसानों को इसकी निर्धारित दर केवल 266 रुपये 50 पैसे है। ऐसे में दुकानदार घाटे में काम करने को मजबूर हैं।

रिटेलर ने कई बार कृषि उप संचालक को की इसकी शिकायत…
जिले के रिटेलर उर्वरक खाद विक्रेताओं का कहना है कि इस विषय में उन्होंने कई बार कृषि उपसंचालक से मिलकर शिकायत की और लिखित पत्र भी दिए, लेकिन न तो किसी पत्र पर जांच हुई और न ही कोई सुनवाई की गई। दुकानदारों का आरोप है कि इससे साफ होता है कि जिला कृषि उपसंचालक की मिलीभगत होलसेल खाद दुकानदारों से है और उनका हिस्सा भी तय है।
बड़े होलसेलरों पर लगाया काला बाजारी का आरोप…
रिटेलर दुकानदारों ने कहा कि अगर कृषि उपसंचालक निष्पक्ष होते तो अब तक जिले के बड़े-बड़े होलसेल दुकानों की जांच हो चुकी होती। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के उर्वरक होलसेलर लंबे समय से ओवररेटिंग और काला बाजारी में लिप्त हैं। लेकिन जिला कृषि उपसंचालक इनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय इन्हें संरक्षण दे रहे हैं।

ज्ञापन में रिटेलर दुकानदारों ने रखीं मागें…
थोक और खुदरा स्तर पर उर्वरक के निर्धारित बिक्री दर स्पष्ट रूप से तय की जाए
थोक विक्रेताओं की अनियमिताओं की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए
किसानों को निर्धारित मूल्य पर समय पर उर्वरक उपलब्ध कराई जाए ताकि पारदर्शिता और विश्वास कम रह सके
रिटेलर दुकानदारों को खाद उचित दर पर उपलब्ध कराया जाए।
जिले की सभी होलसेल दुकानों की जांच हो और दोषी माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
खाद वितरण की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
रिटेलर दुकानदारों ने चेतावनी दी कि जिला कृषि उपसंचालक के रवैये और होलसेल दुकानदारों की मनमानी से उनका धैर्य टूट चुका है। यदि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका कहना था कि सरकार किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराने की नीति बनाती है, लेकिन अधिकारी और माफिया मिलकर उस नीति को ठेंगा दिखा रहे हैं।
बड़ी संख्या में रिटेलर रहे मौजूद…
ज्ञापन और विरोध प्रदर्शन के दौरान चौरई क्षेत्र सैकड़ों रिटेलर दुकानदार मौजूद रहे।

