वनमाफिया की
नजर जंगलों में लहरा रहे हरे भरे पेड़ों पर…
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ ) जिलें के बिछुआ में इन दिनों वनमाफिया सक्रिय है, लेकिन अधिकारियों के लचर रवैया के चलते बिछुआ रेंज से सागौन तस्करी के मामले सामने आ रहे है।
वन विभाग के जिम्मा है वन एंव वन्यप्राणियों की सुरक्षा करना….
सरकार ने वन और वन्यप्राणियों की सुरक्षा का जिम्मा वन विभाग को दिया है। लेकिन वन विभाग के अधिकारी/ कर्मचारी की लापरवाही के कारण इन दिनों ना ही जंगल सुरक्षित है और न ही जंगल में रहने वाले वन्यप्राणी है। जबकि इनकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए सरकार बेहद गंभीर है।
लाखों का बजट फिर भी वन एंव वन प्राणी सुरक्षित नहीं…
केन्द्र एंव राज्य सरकार प्रतिवर्ष वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए लाखों रु का बजट स्वीकृत करती है। ताकि वन एवं वन प्राणी सुरक्षित रहें लेकिन वन विभाग के अधिकारियों के लचर रवैया के चलते रोज वन वन क्षेत्र से सागौन की तस्करी के जैसे मामले सामने आ रहे है।
बिछुआ रेंज में सबसे ज्यादा वन माफिया सक्रिय…
जिलें के बिछुआ वनक्षेत्र में इन दिनों सागौन की तस्करी के मामले रोज आ रहे हैं लेकिन यंहा पदस्थ अधिकारी की लचर रवैया के कारण सागौन तस्करी करने वाले बिना रोक-टोक के जंगल काट रहे है…तस्करों ने इन दिनों बिछुआ के जंगलों के लहरा रहे हरे भरे पेड़ों को अपना निशाना बना रहे है। बीते दिनों बिछुआ रेंज के ग्राम मोहगांव खुर्द के समीप जंगलों में सागौन की सिल्लियों को वन विभाग ने जब्त किया था। जो कि सागौन तस्करों के द्वारा
पेड़ो की झाड़ियों में छुपा रखा था। और सही समय पाकर तस्कर इसे जंगल से पार कर देते है। वही अभी कुछ दिनों पहले ही ग्राम बड़ौसा के पास चौपहिया वाहन से सागौन की सिल्लियों की भी जब्ती हुई थी। लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता से यह वाहन पकड़ा गया। जिससे साफ जाहिर होता है कि तस्करों ने इन दिनों यह इस क्षेत्र में अपना ठिकाना बनाया है।
बिछुआ रेंज सागौन तस्करी के लिए चर्चित…?
छिंदवाड़ा जिलें के दक्षिण वनमंडल अंतर्गत बिछुआ रेंज सागौन तस्करी को लेकर चर्चित है। यहां सैकड़ों की संख्या में लोग फर्नीचर बनाने का काम करते है। ज्यादातर फर्नीचर निर्माता कच्चा पक्का काम कर वनों पर प्रहार कर रहे है, तो वही शासन को भी चूना लगा रहे है। अवैध रूप से फर्नीचर और सागौन तस्करी का काम करने वालों की गिनती ही नहीं है। हालांकि स्थानीय स्टाफ को तस्करों की भनक जरूर होती है किन्तु मिलीभगत के चलते स्थानीय अमला चुप्पी साधे बैठा रहता है। ऐसे में बिछुआ रेंज में लगातार जंगलों पर जमकर प्रहार हो रहा है ।
वनविभाग का खूफिया तंत्र फैल…
बिछुआ रेंज मैं जिस तरह कैसे सागौन तस्कर सक्रिय है, उससे लगता है कि वन का खुफिया तंत्र पूरी तरह फैल हो गया है, बिछुआ और इसके आसपास के क्षेत्रों से लगातार सागौन तस्करी जैसे मामले सामने आ रहे है। सागौन तस्करी का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इधर एक तरफ लगातार जंगल कट रहा है और उधर विभागीय अमला सो रहा है…