छिंदवाड़ा के सचिव /सरपंच के पेट में जनता का पैसाभ्रष्टाचार, गबन हेराफेरी कर डंकार गये 45लाख…

Chautha Sthambh


छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ ) मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिलें में इन दिनों सरपंच /सचिव इन दिनों भ्रष्टाचार करने से नहीं चूक रहे है, और सरकारी राशि में हेराफेरी कर अपना पेट भर रहे हैं, ऐसा ही मामला जिला मुख्यालय की पंचायत गांगीवाडा में देखने को मिला है जंहा बिना काम के 45लाख रुपये सरपंच सचिव ने डंकार गयें..?

सचिव ने कागजो में काम दर्शाकर निकाल राशि…
ग्राम पंचायत गांगीवाडा की सचिव ने भ्रष्टाचार का नया कीर्तिमान रचा है, बिना बिल बाउचर के सिर्फ कोरे कागज के जरिए शासकीय राशि निकालकर पूरी राशि डंकार गयें, राशि भी थोडी नही 45लाख की राशि का गबन किया गया है, अब इस मामले की परतें धीरे- धीरे समाने आ रही है

गांव के पंचों ने लिखित शिकायत की थी….
दरअसल इस पूरे मामले की लिखित शिकायत गांव के पंचों द्वारा की गई थी और शिकायत कर मामले की जाँच हेतु आवेदन दिया था, गांव की पंचों ने लिखित शिकायत कर बताया था कि ग्राम पंचायत गांगीवाडा में सरपंच संगीता परतेती एंव सचिव अनिता उईके द्वारा अनियमितता कर शासकीय राशि का गबन किया जा रहा है, शिकायत के आधार पर 4 सदस्यी टीम ने जाँच की तो पूरी मामले में सामने आया की ग्राम पंचायत गांगीवाडा में बैठक के नाम पर 3लाख रुपये का नाश्ता किया गया है, जबकि बिलों पर न ही सील है न ही साइन किए गए बल्कि डायरेक्ट राशि निकालकर भुगतान कर दिया गया है..

सरपंच के हस्ताक्षर भी चार प्रकार के… फर्जी तरीके से किए गए हस्ताक्षर….
ग्राम पंचायत डांगी वाला द्वारा जो बिल लगाए गए हैं उसमें भी सरपंच के पांच प्रकार से हस्ताक्षर किए गए हैं इससे यही प्रतीत होता है कि सरपंच के फर्जी तरीके से हस्ताक्षर किए गए हैं,

सरपंच /सचिव द्वारा किए गए 43 लाख 67 हजार 758 रुपए के गबन…

जब जाँच टीम द्वारा जाँच की गई तो ग्राम पंचायत गांगीवाडा में सरपंच /सचिव द्वारा 43लाख 67हजार 758 रुपये की राशि का गबन किया गया…

जनपद पंचायत के कार्यपालन अधिकारी ने कहा कठोर कार्रवाई होगी….
छिंदवाड़ा जनपद पंचायत के कार्यपालन अधिकारी द्वारा सत्य से सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है साथ ही सचिव अनीता उनके ग्राम पंचायत गांधी वाला को कारण बताओं नोटिस जारी कर पाँच दिनों में जवाब पेश करने का अंतिम अवसर दिया गया है, यदि समय सीमा में जवाब संतोषजनक न होने पर मध्य प्रदेश पंचायत राज्य एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1973 की धारा 92 के तहत वरिष्ठ कार्यालय को कार्रवाई हेतु प्रस्तावित की जाएगी..

चार सदस्य टीम ने खोली पंचायत की पोल होगी लाखों की रिकवरी…
ग्राम पंचायत गांधी वाला में वित्तीय अनियमिताओं और गबन की शिकायत के बाद जब चार सदस्य अभिलेखों द्वारा जाँच की गई तो पाया गया कि अनीता उईके सचिव ग्राम पंचायत गांगीवाडा द्वारा रिकॉर्ड का सही संधारण नहीं किया गया, ग्राम सभा व पंचायत बैठक में आय व्यय का अनुमोदन नही लिया गया और नियमानुसार भुगतान प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है वही नल जल संधारण व सफाई कार्य के भुगतान में अनियमितता भी की गई है वर्तमान सरपंच संगीता परतेती के नाम की सील का प्रथम सम्मेलन से पहले उपयोग, बिल बाऊचर व कैशबुक में सरपंच हस्ताक्षरों में भिन्नता भी पाई गई है..
सरपंच /सचिव ने नहीं दिया जवाब…
ग्राम पंचायत गांगीवाडा के सरपंच /सचिव से जब इस बिषय में जानकारी मांगी तो दोंनो ने फोन भी नही उठाया और कोई जवाब भी नही दिया..
हर मद में लगाई सेंध

गांगीवाडा की सचिव ने सरकारी माल को उड़ाने में कोई कमी नहीं की, हर मद से सरकारी पैसे को बिना किसी भेदभाव के बिना किसी अनुशंसा व बिल वाउचर के बाटने में सचिव ने जरा सी भी देरी नहीं लगाई, यहां तक की सरकारी कागजों को उन्होंने अपनी निजी संपत्ति समझकर कभी हिसाब किताब देना तक उचित नहीं समझा, जांच दल ने स्पष्ट लिखा है कि ग्राम पंचायत के हिसाब किताब कई बार मांगा गया लेकिन पंचायत इसे प्रस्तुत नहीं कर पाई…
हस्ताक्षर भी
अलग-अलग लोगों द्वारा किए गए यही नहीं बिल वाउचर में..
सरपंच के हस्ताक्षर भी जाली किए गए…

जनपद पंचायत के अधिकारी की मिली भगत….

जिलें के सरपंच /सचिव सरकारी पैसे का कर रहे दुरुपयोग…

जी हाँ हम बात कर रहे है छिंदवाड़ा जिलें की जंहा इन दिनों सरपंच/सचिव जिलें में बैठे अधिकारी की मिलीभगत से सरकारी राशि डंकार रहे है और अधिकारी उन्हें बचा लेते हैं जिले में ऐसे कई गबन के मामले पहले भी आ चुके हैं लेकिन आज तक एक भी सचिव ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई जिसके कारण आज सचिन सरपंच लाखों का गबन करने से भी नही डर रहे है जिलें की ग्राम पंचायतों में जनपद पंचायत के सीईओ के संरक्षण के चलते ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं सचिवों ने पंचायती राज को सरपंच-सचिव का राज बना दिया है। आलम यह है कि ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिवों ने नियम विरुद्ध पंचमरमेश्वर योजना की राशि को सरपंचों के व्यक्तिगत खाते में डालकर शासन की राशि का आपस में बंटवारा कर रहे है और जिम्मेदार अधिकारी उन पर कार्रवाई करने के स्थान पर सरपंच एवं सचिव को बचाने का प्रयास करते रहे है। जिस की वजह से ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव आए दिन ग्राम पंचायतों के विकास के लिए आने वाली राशि का दुरुपयोग कर वित्तीय अनियमितताएं कर रहे है और प्रशासनिक अधिकारी मूक दर्शक बनकर सब देख रहे है यदि शीघ्र ही इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो छिंदवाड़ा जिलें में शासन से प्राप्त राशि का बंदर वाट चलता रहेगा।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *