28 माह बीतने के बाद भी आत्मा कर्मचारियों को नहीं मिली समकक्षता
सड़क दुर्घटना में शहीद साथी को दी गई श्रद्धांजलि, सरकार पर साधा निशाना
By admin 4 फरवरी 2026
चौथा स्तंभ
प्रदेश में आत्मा योजना के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारी दो-दो मुख्यमंत्रियों की घोषणाओं के बावजूद आज भी समकक्षता से वंचित हैं। 28 माह बीत जाने के बाद भी सरकार की घोषणाएं कागजों तक ही सीमित रह गई हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
आत्मा कर्मचारियों का कहना है कि यदि उन्हें समय रहते संविदा नीति (22 जुलाई 2023) का लाभ दे दिया गया होता, तो सड़क दुर्घटना में मृत अथवा घायल साथियों के परिजनों को आज अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिल सकता था। लेकिन शासन की उदासीनता के कारण पीड़ित परिवार न्याय से वंचित हैं।
इसी मांग को लेकर आत्मा योजना में कार्यरत सैकड़ों संविदा कर्मचारी कृषि मंत्री श्री एंदल सिंह कंसाना के निवास पर पहुंचे और समकक्षता लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सड़क दुर्घटना में शहीद साथी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।

इस आंदोलन को संविदा महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री रमेश राठौर का भी समर्थन मिला। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर आत्मा कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं की गईं, तो प्रदेशभर में हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृषि तकनीकी संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बैजनाथ सिंह यादव ने साफ शब्दों में कहा—
“जब तक समकक्षता को लेकर ठोस और लिखित कार्यवाही नहीं होती, तब तक हम यहां से नहीं हटेंगे। प्रदेशभर से आत्मा कर्मचारी जुट रहे हैं और आंदोलन और तेज होगा।”
अब बड़ा सवाल यह है कि सरकार आखिर कब जागेगी?
या फिर आत्मा कर्मचारी यूं ही घोषणाओं और आश्वासनों के बीच अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे?

