जिलें के हर्रई ब्लॉक के स्कूल जहां खेल कर लौट आते हैं बच्चे,
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) जिलें के हर्रई ब्लॉक में इन दिनों सरकारी स्कूल भगवान भरोसे चल रहे है, सरकारी स्कूलों में शिक्षा का हाल बेहाल है. जिले के हर्रई ब्लॉक के प्राथमिक शाला उमरी खुर्द,संकुल केंद बारगी विकासखंड हर्रई के प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं जहां शिक्षक कभी कभी ही आते है अधिकाश शिक्षक नरसिंहपुर जिले से आते जाते है, उनकी जब मर्जी होती है आते हैं और चले जाते हैं. शिक्षा व्यवस्था का यह बुरा हाल आदिवासी इलाकों में ज्यादा है.
छिंदवाड़ा के स्कूलों में नहीं हैं शिक्षक….
“‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ का नारा तो जोर-शोर से चल रहा है. लेकिन अगर स्कूलों में शिक्षक ही नहीं है तो कैसे पढ़ेगा इंडिया और कैसे बढ़ेगा इंडिया. हम बात कर रहे हैं छिंदवाड़ा जिले के हर्रई ब्लॉक की, जहां पढ़ने के लिए बच्चे स्कूल तो जाते हैं लेकिन पढ़ाने के लिए स्कूलों में टीचर ही नहीं है. सरकार ने ‘स्कूल चले हम’ अभियान जोर-जोर से चलाया. शुरुआत करने के लिए स्कूलों में अधिकारियों से लेकर मंत्री और जनप्रतिनिधि भी पहुंचे. लेकिन ऐसे स्कूलों पर चर्चा ही नहीं हुई जहां पर पढ़ाने के लिए टीचर नहीं है.

हर्रई ब्लॉक के शासकीय प्राइमरी स्कूल उमरी खुर्द ऐसे है जहां पर पढ़ाने के लिए बैभव सोनी शिक्षक तो नियुक्ति है लेकिन शिक्षक दो चार दिनों में आते है और 2 बजे स्कूल से नरसिहपुर चले जाते है। कभी भी स्कूल में नही रहते है. नरसिहपुर जिलें से आना जाना करते है, स्कूल में कभी भी शिक्षक नही रहते है

