कार्रवाई या औपचारिकता? आबकारी विभाग की दबिश पर उठे सवाल…
By admin -30 January 2026
छिंदवाड़ा(चौथा स्तंभ)
जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दावों के बीच आबकारी विभाग की हालिया दबिश अब सवालों के घेरे में है। 30 जनवरी 2026 को कलेक्टर हरेंद्र नारायण के निर्देश और सहायक आबकारी आयुक्त बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में वृत्त छिंदवाड़ा क्रमांक 01 एवं 02 की टीम ने ग्राम घाट परासिया, मेढ़की ताल और चन्हीया खुर्द में कार्रवाई की।
विभाग ने दावा किया कि दबिश के दौरान 1200 किलोग्राम महुआ लाहन नष्ट किया गया और एक आरोपी के घर से मात्र 20 लीटर हाथ भट्टी शराब बरामद हुई। इसके बाद मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) के तहत 3 प्रकरण दर्ज किए गए।
लेकिन बड़े सवाल यह है…
जब लंबे समय से इन इलाकों में अवैध शराब का खुलेआम कारोबार चल रहा है, तो कार्रवाई में सिर्फ एक आरोपी ही क्यों पकड़ा गया?
क्या आबकारी विभाग को पहले से इन अड्डों की जानकारी नहीं थी?
यदि जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
1200किलो लाहन नष्ट का दावा…
आबकारी विभाग के द्वारा 1200 किलो लाहन नष्ट करने का दावा तो किया गया, लेकिन बड़े सप्लायर और नेटवर्क पर हाथ क्यों नहीं डाला गया?
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इन गांवों में अवैध शराब का धंधा कोई नया नहीं है। इसके बावजूद कार्रवाई केवल छोटी मात्रा की बरामदगी और सीमित प्रकरणों तक ही सिमट गई, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर संदेह गहराता है।
अब सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ कागजी खानापूर्ति थी या वास्तव में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगेगी?
अवैध शराब पर ‘छोटी’ कार्रवाई, बड़े माफिया अब भी बेखौफ…
1200 किलो लाहन नष्ट, लेकिन सिर्फ 20 लीटर शराब? आबकारी की कार्रवाई पर सवाल
आबकारी की दबिश: दिखावा या सच में सख्ती?

