नशे में धुत शिक्षक ने बच्चों के सामने खोया नियंत्रण, शिक्षा विभाग की लापरवाही उजागर..
By admin 11 February 2026
छिंदवाड़ा/अमरवाड़ा (चौथा स्तंभ)
छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा विकासखंड अंतर्गत पौनार संकुल के एकीकृत माध्यमिक शाला लखनवाड़ा में मंगलवार को घटी एक शर्मनाक घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक प्राथमिक शिक्षक कथित रूप से शराब के नशे में स्कूल पहुँचे और कक्षा के दौरान बच्चों के सामने ही खुद पर नियंत्रण खो बैठे, जिससे पूरे विद्यालय में हड़कंप मच गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शिक्षक की हालत इतनी खराब थी कि वे ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। कक्षा के दौरान उनकी वर्दी गीली हो जाने से छात्र असहज हो गए और स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही चिंतित अभिभावक स्कूल पहुँचे और बच्चों से जानकारी ली।

विद्यार्थियों ने बताया कि शिक्षक शराब पीकर स्कूल आए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सूचना तत्काल बीईओ अनुराग मिश्रा और बीआरसी विनोद वर्मा को दी गई। इसके बाद पौनार संकुल के प्रभारी प्राचार्य और दो जनशिक्षकों की टीम मौके पर पहुँची। जांच दल ने शिक्षक को नशे की हालत में पाया और मौके पर ही प्रतिवेदन तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दिया।
बीईओ अनुराग मिश्रा ने पुष्टि की कि जांच में प्राथमिक शिक्षक सहस अहिरवार के नशे में होने की पुष्टि हुई है और रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजी जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी जीएस बघेल ने बताया कि प्रतिवेदन प्राप्त हो चुका है और नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शिक्षक के निलंबन या विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।

शिक्षा विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
घटना के बाद अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि स्कूल बच्चों के संस्कार और भविष्य निर्माण की जगह है, लेकिन ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की साख को धूमिल कर रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की ढीली निगरानी के कारण कई स्कूलों में अनुशासनहीनता बढ़ रही है।
यह घटना केवल एक शिक्षक की व्यक्तिगत लापरवाही नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग की निगरानी और जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विभाग इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है, ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

