जल जीवन मिशन से बदली ग्राम आमला की तस्वीर…
हर घर नल, हर घर जल – सशक्त होती..
महिलाएँ, खुशहाल होता गाँव..
पांढुर्णा (चौथा स्तंभ) जिला पांढुर्णा के उपखंड सौंसर अंतर्गत विकास खंड सौंसर में कुल 59 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 129 ग्राम स्थित हैं। इन्हीं ग्रामों में से एक ग्राम आमला, विकास खंड मुख्यालय सौंसर से लगभग 17 कि.मी. की दूरी पर स्थित है।
ग्राम का संक्षिप्त परिचय एवं इतिहास- ग्राम आमला की वर्तमान जनसंख्या 1180 है तथा ग्राम में कुल 172 घर विद्यमान हैं। ग्राम में निवासरत ग्रामीणों का मुख्य व्यवसाय कृषि एवं मजदूरी है। विभिन्न विभागों के सतत प्रयासों से ग्राम में शिक्षा, बिजली एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

ग्राम आमला की कुल जनसंख्या 1180 है, जिसमें अनुसूचित जनजाति के 890 नागरिक निवासरत हैं। इसके अतिरिक्त सामान्य वर्ग की जनसंख्या 230 तथा अनुसूचित जाति की जनसंख्या 60 है।

आमला नल-जल योजना : हर घर जल प्रमाणित ग्राम- जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम आमला को “हर घर जल प्रमाणित ग्राम” घोषित किया गया है, जो ग्राम के लिए गर्व का विषय है।
ग्राम आमला में पूर्व में पानी की गंभीर समस्या थी। ग्रामवासियों, विशेषकर महिलाओं को पानी के लिए दूर-दूर स्थित जल स्रोतों जैसे कुएँ, हैंडपम्प, नदी एवं तालाबों पर निर्भर रहना पड़ता था। पानी भरने का अधिकांश कार्य महिलाओं द्वारा किया जाता था, जिससे उनका बहुत सा समय इसी कार्य में व्यतीत हो जाता था। इसका प्रतिकूल प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ता था।
पानी की कमी के कारण ग्रामीणों को अन्य स्थानों पर स्थित हैंडपम्प, कुएँ अथवा दूसरों के निजी नलकूपों से पानी लाना पड़ता था। कई बार पानी भरने को लेकर विवाद की स्थिति भी बन जाती थी। पानी लाने में लगने वाले समय के कारण ग्रामीण कृषि, मजदूरी एवं अन्य कार्यों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते थे। कई बार बच्चों को भी पानी भरने जाना पड़ता था, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती थी। पशुओं—गाय, बैल, भैंस एवं बकरियों के लिए पानी की व्यवस्था करना भी एक बड़ी चुनौती थी।
लेकिन जल जीवन मिशन योजना ने ग्राम आमला की महिलाओं एवं समस्त ग्रामवासियों की इस वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कर दिया है। अब ग्राम के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इससे महिलाओं को राहत मिली है और वे अपने समय का सदुपयोग कृषि, मजदूरी एवं घरेलू कार्यों में कर पा रही हैं।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम की 5 महिलाओं को फील्ड टेस्ट किट द्वारा पेयजल परीक्षण का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा उन्हें फील्ड टेस्ट किट भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे ग्राम में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जाँच सुनिश्चित हो रही है।
ग्राम आमला की निवासी श्रीमती अश्विनी मनीष पाटील बताती हैं कि पहले उन्हें हैंडपम्प एवं कुओं से पानी भरना पड़ता था, जिससे उनका अधिकतर समय पानी लाने में ही व्यतीत हो जाता था। इसके कारण बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुँच पाते थे। लेकिन अब नल-जल योजना के तहत हर घर में स्वच्छ एवं सुरक्षित जल उपलब्ध हो रहा है, जिससे जीवन में बड़ा परिवर्तन आया है।

इसी प्रकार ग्राम की निवासी श्रीमती रजनी उईके बताती हैं कि पहले गाँव में पानी की बहुत समस्या थी, लेकिन अब यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। हर घर में नल लगने से शुद्ध जल मिल रहा है, जिससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ है। अब समय पर सभी कार्य पूरे हो जाते हैं और बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजना संभव हो पाया है।
ग्राम आमला के समस्त ग्रामीण जल जीवन मिशन की इस उपलब्धि के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी, माननीय कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ एवं समस्त लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पी.एच.ई.) विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। जल जीवन मिशन ने ग्राम आमला में न केवल पानी की समस्या का समाधान किया है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाते हुए ग्राम को खुशहाल और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

