महुआ बीनने गए ग्रामीणों पर जंगली भैंसे का हमला, दो के पैर टूटे… इलाके में दहशत

Chautha Sthambh

महुआ बीनने गए ग्रामीणों पर जंगली भैंसे का हमला, दो के पैर टूटे… इलाके में दहशत

तामिया के सांगाखेड़ा वन परिक्षेत्र में सुबह-सुबह हुआ हमला, ग्रामीणों और वन विभाग ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया
तामिया/छिंदवाड़ा( चौथा स्तंभ ) तामिया विकासखंड के सांगाखेड़ा वन परिक्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब जंगल में महुआ बीन रहे दो ग्रामीणों पर अचानक जंगली भैंसे (बायसन) ने हमला कर दिया। हमले में दोनों ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके पैर टूट गए।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 6 बजे कुकरपानी ग्राम निवासी मानक लाल दर्शमा (60 वर्ष) और सुखमन पिता शोमा लोबो (50 वर्ष) जंगल में महुआ बीनने गए थे। इसी दौरान घने जंगल से अचानक निकले जंगली भैंसे ने दोनों पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बायसन ने दोनों को जोरदार टक्कर मारकर कई फीट दूर फेंक दिया और पैरों पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।


हमले की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और वन विभाग सांगाखेड़ा के रेंजर व अन्य अधिकारियों को सूचना दी। ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को निजी वाहन से तामिया अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल छिंदवाड़ा रेफर कर दिया गया।


घटना के बाद से क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से जंगली जानवर अक्सर गांव के आसपास आ जाते हैं, जिससे लोगों की जान पर खतरा बना रहता है।

महुआ सीजन में बढ़ जाता है खतरा
महुआ बीनने के मौसम में ग्रामीण बड़ी संख्या में जंगलों में जाते हैं। इसी दौरान जंगली जानवरों से सामना होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल में जाते समय सतर्क रहने की अपील की है।

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