सुर्खियों में देवगढ़: मंत्री के दौरे ने खोली व्यवस्थाओं की पोल, संरक्षण पर सख्त चेतावनी!
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ ) — ऐतिहासिक धरोहर देवगढ़ किला एक बार फिर सुर्खियों में है। डॉ. कुंवर विजय शाह के औचक दौरे ने किले की जमीनी हकीकत सामने ला दी।
मंत्री के निरीक्षण में किले परिसर में साफ-सफाई, रख-रखाव और बुनियादी सुविधाओं की कमी साफ नजर आई, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक कहा—“इतनी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर की यह स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

अधिकारियों को सख्त निर्देश
मंत्री ने तत्काल प्रभाव से किले के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही पर्यटकों के लिए पेयजल, शौचालय, सुरक्षा और मार्ग व्यवस्था को प्राथमिकता देने को कहा। किले तक पहुंचने वाले रास्तों की बदहाल स्थिति पर भी नाराजगी जताते हुए वन विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई।
गोंडकालीन गौरव, लेकिन उपेक्षा का शिकार
मंत्री ने कहा कि देवगढ़ किला कभी गोंड राजाओं की राजधानी रहा है और इसकी ऐतिहासिक धरोहर प्रदेश की पहचान है, लेकिन वर्तमान हालात चिंता जनक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरासत स्थलों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

मंदिर में दर्शन, व्यवस्थाओं पर फोकस
दौरे के दौरान मंत्री ने जय मां भवानी मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। यहां भी श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

पर्यटन ग्राम में दिखी उम्मीद की किरण
देवगढ़ के होम-स्टे मॉडल को देखकर मंत्री प्रसन्न नजर आए। उन्होंने इसे ग्रामीण पर्यटन के लिए “गेम चेंजर” बताते हुए स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

बड़ा सवाल:
क्या मंत्री के निर्देशों के बाद देवगढ़ किले की तस्वीर बदलेगी, या फिर यह दौरा भी कागजों तक सीमित रह जाएगा?
👉 आने वाले दिनों में ही तय होगा कि प्रशासन कितनी गंभीरता से इन आदेशों को अमल में लाता है।

