छिंदवाड़ा में आदिवासी भूमि पर सुनियोजित “कन्वर्ज़न–बेनामी–माफिया” घोटाला
गैर-आदिवासी ने आदिवासियों को मोहरा बनाकर करोड़ों की जमीन हड़पी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का बड़ा खुलासा
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ ) जिले में आदिवासी भूमि की लूट का एक नया और खतरनाक मॉडल सामने आया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने आरोप लगाया है कि जिले में कन्वर्ज़न–बेनामी–माफिया का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जो गरीब और अशिक्षित आदिवासियों को आगे रखकर करोड़ों रुपये की जमीन गैर-आदिवासियों के नाम करा रहा है।
पार्टी का आरोप है कि इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड गैर-आदिवासी अल्फाज़ शाह है, जिसने आदिवासी कानूनों को दरकिनार करने के लिए आदिवासियों को केवल “नामधारी” बनाकर जमीनों की खरीद-फरोख्त करवाई और बाद में नियमविरुद्ध कन्वर्ज़न करा लिया।
आदिवासी के नाम जमीन, पैसा गैर-आदिवासी का
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इस घोटाले का तरीका बेहद सुनियोजित है—
पहले आदिवासी के नाम से जमीन खरीदी जाती है
पूरा भुगतान गैर-आदिवासी करता है (RTGS, चेक और नगद)
फिर झूठे शपथपत्रों के आधार पर
भूमि का कन्वर्ज़न गैर-आदिवासी के पक्ष में कराया जाता है
अंततः मुनाफा भी गैर-आदिवासी ही उठाता है
पार्टी ने इस पूरे प्रकरण में राजस्व अधिकारियों और तत्कालीन कलेक्टर की भूमिका को भी संदिग्ध बताया है।
गोकल उईके केस स्टडी: गरीब बताकर करोड़ों का खेल
इस घोटाले का प्रमुख चेहरा गोकल उईके (अनुसूचित जनजाति) बताया गया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के अनुसार, गोकल खुद को अत्यंत गरीब और किडनी रोग से पीड़ित बताकर प्रशासन और मीडिया को गुमराह करता रहा, जबकि बैंक रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी कहते हैं।
खाता: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
खाता खुला: 20 मार्च 2024
मात्र एक महीने में ट्रांजैक्शन: ₹1.25 करोड़ से अधिक
वर्तमान बैलेंस: मात्र ₹5,500
पार्टी का कहना है कि यह साफ संकेत है कि गोकल उईके केवल एक मोहरा है।
नियमविरुद्ध भूमि सौदों की लंबी सूची
प्रेस विज्ञप्ति में कई जमीन सौदों का जिक्र किया गया है, जिनमें नगद लेन-देन और फर्जी रजिस्ट्रियों के आरोप हैं—
खसरा 319/2 (0.392 हे.) – ₹12 लाख (पूरी रकम नगद)
खसरा 269/1/2 (0.809 हे., ग्राम मालनवाड़ा) – ₹25 लाख (RTGS + नगद)
खसरा 276/3 – आसाराम भारती
खसरा 330/5 (भानादेही) – पिता-पुत्र के बीच कथित फर्जी रजिस्ट्री
खसरा 57 (अतरवाड़ा)
अन्य कई सौदे ₹10 लाख से ₹27 लाख तक
पार्टी का दावा है कि सभी मामलों में पैसा अल्फाज़ शाह का और लाभ भी उसी का है।
बैंक ट्रांजैक्शन से नेटवर्क का खुलासा
गोकल उईके के खाते से जिन लोगों को बड़ी रकम ट्रांसफर हुई, वे सभी अल्फाज़ शाह के कथित नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं—
Life Care Warehouse (अल्फाज़ शाह) – ₹11 लाख
ईसाब शाह – ₹25 लाख
अशरफ खान – ₹11.58 लाख
भारत दयाल मालवी – ₹35 लाख
मनोज रघुवंशी – ₹21.38 लाख
धर्म परिवर्तन और संदिग्ध मौत का आरोप
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया कि गोकल उईके का कथित धर्म परिवर्तन हुआ, जिसका उसके पुत्र ने विरोध किया। इसके बाद पुत्र की अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। न तो कोई बीमारी बताई गई और न ही कोई स्पष्ट चोट, लेकिन आज तक कोई ठोस जांच नहीं हुई।
किन कानूनों का उल्लंघन?
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने इस मामले में कई कानूनों के उल्लंघन का दावा किया है—
MP Land Revenue Code की धारा 165(6), 170-A, 170-B
SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम
बेनामी संपत्ति अधिनियम (संशोधित 2016)
BNS 2023 – धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश
पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के सिद्धांत “Fraud vitiates everything” का हवाला देते हुए कहा कि धोखाधड़ी से हुआ कन्वर्ज़न स्वतः शून्य है।
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की 7 बड़ी मांगें
पूरे मामले की EOW/लोकायुक्त जांच
सभी कन्वर्ज़न आदेश तत्काल निरस्त
धारा 170-A के तहत भूमि शासन में निहित
अल्फाज़ शाह और नेटवर्क पर FIR
जिम्मेदार राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई
सभी आदिवासी नामधारकों के बैंक खातों की जांच
धर्म परिवर्तन व संदिग्ध मृत्यु की स्वतंत्र जांच
आंदोलन की चेतावनी
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष देवरावेन भलावी ने चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन, न्यायालयीन कार्यवाही और राष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाएगी।

