वन विभाग के अधिकारी की लापरवाही, पेड़ काटकर उसी जगह बना रहे नर्सरी….. पूरा मामला देलाखारी वनपरिक्षेत्र का
चौथा स्तंभ(छिंदवाड़ा) मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया विकासखंड के अंतर्गत चावलपानी बीट के माने गांव में लाखों रुपये की लागत से नर्सरी का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन वनविभाग के अधिकारी एंव कर्मचारी की लापरवाही देखने को मिल रही है,
नर्सरी निर्माण के नाम पर वनविभाग ही हरे भरे सागौन के पेड़ काट रहा…
जिलें के तामिया विकासखंड के देलाखारी वनपरिक्षेत्र के चावलपानी बीट के मानेगांव में लाखों रुपयें की लागत से नर्सरी का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन जगलों की रक्षा करने वाला विभाग ही सागौन के पेड काट रहे है जिसमें गंभीर लापरवाही देखने को मिल रही है
विभाग के ही कर्मचारी नर्सरी निर्माण के नाम पर सागौन सहित अन्य कीमती वृक्षों को काट रहे…
आखिर वनविभाग के अधिकारी इन दिनों इतनी लापरवाही करने से भी नही डर रहे है उन्हें उच्च अधिकारी का डर नही है इसलिए बिना स्थल निरीक्षण के नर्सरी निर्माण के नाम पर सागौन सहित अन्य कीमती वृक्षों को कटवा दिया गया जबकि नियम के अनुसार नर्सरी ऐसे स्थान पर बनाई जानी चाहिए जहां पहले से पेड़ ना हो, हैरानी की बात यह है कि पुराने और बड़े पेड़ों को काटकर जलाकर वनविभाग के अधिकारी उसी स्थान पर नए पौधे लगाने की तैयारी की जा रही है…

बिना किसी मापदंड और तकनीकी स्वीकृति कराया जा रहा काम….
विभागीय जानकारों एवं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरा काम बिना किसी मापदंड और तकनीकी स्वीकृति के नर्सरी का काम कराया जा रहा है, नर्सरी में भी लीपापोती से निर्माण कार्य तो किया जा रहा है, लेकिन क्या नर्सरी बनाने के लिए या कहो पर्यावरण संरक्षण के नाम पर पेड़ों की बलि दी जायेगी..!
बडा सवाल यह है कि क्या नर्सरी के नाम पर पेड़ काटना जायज है?

आखिर किसकी अनुमति से सागौन जैसे कीमती वृक्षों को नष्ट किया गया..
क्या वनविभाग के उच्च अधिकारी ऐसे लापरवाही करने वाले वन विभाग के कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई करेंगे, या पूरा मामला सिर्फ शिकायत की फाइलों में ही दबकर रह जायेगा..!

