दक्षिण वन मंडल की लावाघोघरीअंबाडा रेंज जिला पांढुरना के वनपालऔर रेंजर ने मिलकर कर दिया लाखों की हेराफेरी…

Chautha Sthambh

पांडुरना (चौथा स्तंभ)दक्षिण वन मंडल छिंदवाड़ा-पाढुंरना (सामान्य) मे पूर्व लावाघोघरी रेंज के विलय होने पर वर्तमान अंबाडा रेंज में वन्य प्राणी हमले मुआवजा के नाम लाखो रूपए की हेराफेरी कर वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी ने डाकार लिए गये मुआवजा के नाम पर लाखों रूपए
छिंदवाड़ा वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक,वन मंडलाधिकारी के इशारे पर लवाघोघरी रेंज के विलय होने पर हुआ लाखों रूपए का घोटाला
दक्षिण वन मंडल की लावाघोघरीअंबाडा रेंज जिला पांढुरना के वनपालऔर रेंजर ने मिलकर कर दिया लाखों की हेराफेरी
वन संरक्षक महोदय छिंदवाड़ा वृत्त के तीनो वन मंडल मे घोटाले उजागर होने पर कोई कार्यवाही नही की चैन की नींद सो रहे है वन विभाग के अधिकारी ।

वन संरक्षक के संरक्षण मे छिंदवाड़ा नामी अधिकारी जो छिंदवाड़ा-जिले मे अंगद की तरह जमे बैठा है शासन प्रशासन की आखो में धूल डालकर हेराफेरी करते जा रहा है लेकिन शासन इसका कुछ नही बिगाड सका इस उप वनमंडलाधिकारी ने कई कारनामे घोटाले उजागर हुए लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नही एक स्थान से दूसरे स्थान पर आज भी छिंदवाड़ा मे पदस्थ है ।
ऊपर से लेकर नीचे तक भष्टाचार कौन करेगा इन घोटालेबाज अफसर की जांच ।
सीएम हेल्पलाइन 181पर शिकायत करने पर वन रक्षक द्वारा सीएम हेल्पलाइन शिकायत काटने का दबाव बनाया जा रहा है

छिंदवाड़ा दक्षिण वन मंडल की दिनांक 1/4/2025 लावाघोगरी रेंज समाप्त होते ही लावाघोघरी अंबाडा रेंज मे करोड़ों की राशि का हेराफेरी ग्रामीणों के खाते में ट्रांसफर कर काराघाट कामठी सर्किल के पालसपानी के लगभग 100 से लेकर150 ग्रामीणों लोगो के खातों मुआवजा में राशि डालकर लाखो रुपए ग्रामीणों से राशि वापस लेकर हेराफेरी कर दिया दक्षिण वन मंडल छिंदवाड़ा में हुए कथित वित्तीय घोटाले की जांच की मांग शिकायत वन संरक्षक छिंदवाड़ा वनवृत को करने बाद भी वन संरक्षक द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई उल्टा शिकायत करने वाले ग्रामीण को उल्टा फंसाने के लिए झूठा प्रकरण बनाने के उद्देश्य से घर में घुसकर वनपाल और रेंजर पुलिस बल के साथ पलाशपानी निवासी प्रमोद ग्यारेकर कंचन प्रकाश ग्यारेकर को धमकी दी एवं गाली-गलौज जिसका साक्ष्य ग्रामीण प्रमोद ग्यारेकर ने अपने मोबाइल फोन पर वीडियो बनाकर रिकॉर्ड किया है दक्षिण वन मंडल के लावाघोघरी रेंज के समाप्त होने के पूर्व और वर्तमान अंबडा रेंज काराघाट कामठी सर्किल में पदस्थ वन पाल वनरक्षक पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगभग सिद्ध होते दिखाई दे रहे हैं ग्रामीणों के अनुसार वनपाल ने बैक खातों से लाखों रुपए ग्रामीणों के विभिन्न खातों में डालकर राशि ट्रांसफर कर वापस ली गई है पुख्ता दस्तावेज और बैंक लेनदेन से इनके साक्ष मिले हैं कंप्यूटर ऑपरेटर वनरक्षक वनपालऔर वरिष्ठ अधिकारी भी
इस हेराफेरी में शामिल हो सकते हैं सालों से पदस्थ अधिकारी इस कृत्य को कर रहे हैं
काराघाट कामठी में पदस्थ वनपाल श्री प्रीतम सनोडिया
द्वारा मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताडित किये जाने के में कार्यवाही करने बावत् प्रमोद ग्यारेकर पिता गणराज ग्यारेकर उम्र 36 वर्ष जाति गूजर निवासी ग्राम पंचायत पलासपानी, तहसील जिला पांढुर्णा का हूँ बताया कि मेरी स्वयं की भैंस का बरसात के समय वन्य प्राणी द्वारा शिकार कर लिया गया था। जिसके बाद वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा स्थल पंचनामा बनाकर मुआवजा भी बनाया गया ।
उसके बाद एक दिन प्रीतम सनोडिया वन पाल मेरे घर पर आये और बोलने लगे की मैं तुम्हारे खाते में कुछ राशि डालूंगा और आप लोग मुझे निकालकर दे देना, मैंने कहा ठीक है साहब, तब मेरे द्वारा कहा गया कि मेरी गैस का मुआवजा कम से कम 40 हजार रूपये बना देना। परंतु डिप्टी साहब द्वारा मेरा 22.000/- (बाईस हजार रूपये) मुआवजा बनाया गया और मेरे घर एवं मेरे भाई के घर के 5 लोगों के नाम प्रमोद, रघुनाथ, जगदीश, प्रकाश, ज्योति का नाम लिखकर ले गये साथ ही हमारे आधार कार्ड एवं खाता नंबर भी लेकर गये। परंतु हमें यह जानकारी नहीं थी कि वनपाल द्वारा हमारे खातों में इतनी बड़ी राशि डाली जायेगी, हमें लगा कि मजदूरी की राशि डालेंगे इसलिये हमने अपने नाम एवं आधार कार्ड और खाता नंबर उन्हें दे दिया ।इसके बाद पांचो के खाते में वन पाल प्रीतम सनोडिया द्वारा 10,000/-
(दस हजार रूपये) से लेकर 40,000/- (चालीस हजार रूपये) की राशि हमारे खातों में डाली गई जो कि हमारे द्वारा ईमानदारी से निकालकर उन्हे डिप्टी साहब को वापस कर दी गई ।
मैंने अपनी भैंस की मुआवजा राशि 22,000/- (बाईस हजार रूपये) की राशि रख लिया तब डिप्टी नाराज हो गये, और बोलने लगे कि यह राशि आपकी भैस की नहीं है, तब उन्होंने कहा कि अभी तुम्हारी राशि नहीं आयी है. और जब मैंने उन्हें राशि देने से मना कर दिया तो उसके बाद डिप्टी ने मुझे धमकाकर राशि वापस ले ली, उसके द्वारा फिर से मेरे खाते में 35 हजार रूपये की राशि डाली गयी तब मैंने पैसे नहीं दिये । तो कहने लगे कि तुझे वन्य प्राणी या किसी लकडी चोरी के प्रकरण में फंसा दूंगा और दिनांक 18.12.2025 को बिजिलेंस टीम, उडनदस्ता, 2-3 नाकेदार स्वयं डिप्टी मेरे घर आये, मेरे भाई की बहु के साथ गाली-गलौच करने लगे और बोले की लकड़ी कहां रखी है, तब तक मैं वहाँ आ गया उन्होनें मेरा घर एवं मेरे भाई का घर चैक किया, लेकिन कोई भी लकडी उन्हे नहीं मिली ।
वन विभाग के द्वारा एवं वनपाल सनोडिया द्वारा मुझे आज भी जबरन मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है एवं मेरे विरूद्ध झूठे प्रकरण बनाये जाने की धमकी दी जा रही है। जिससे मैं मानसिक रूप से परेशान हूँ मेरे द्वारा छिंदवाड़ा वन वृत्त के वन संरक्षक को शिकायत की गई लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नही की गई।
ग्रामीण विजय कालभूत बीरबल ने बताया कि मेरे बैक खाते का एटीएम रखकर के वनपाल द्वारा राशि निकाली गई कभी मोबाइल के फोन पे से राशि डालकर वापस की गई कभी नगद वापस किया ग्रामीणों ने बताया कि वन रक्षक द्वारा गांव में खोवा भट्टी में प्रतिदिन ₹1000 की लकड़ी सप्लाई की जाती है और अवैध रेत की तस्करी डिप्टी डेंजर के द्वारा कराई जाती है ग्रामीण प्रमोद ग्यारेकर करने बताया कि मेरे द्वारा सीएम हेल्पलाइन तथा छिंदवाड़ा के वन संरक्षक को शिकायत की है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है मेरे द्वारा सीएम हेल्पलाइन 181पर शिकायत करने पर वन रक्षक द्वारा सीएम हेल्पलाइन शिकायत काटने का दबाव बनाया जा रहा है ।
जो कि नियम एवं विधि विरुद्ध है
इस संबंध में निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही कर मुझे एवं मेरे परिवार को न्याय दिलाने की कृपा करें मुख्य वन संरक्षक महोदय कब होगी जांच।
उप वनमंडालाधिकारी दक्षिण सौसर प्रमोद चोपडे का कहना है कि मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है आप रेंजर सहाब से जानकारी ले

ग्राम के ग्रामीणो ने मांग की
माननीय मुख्यमंत्री जी,सांसद अपने पद का दुरुपयोग करने वाले ऐसे भृष्ट घोटालेबाज अफसर जंगल राज चलाने वाले शासकीय राशि पर डाका डालने वाले दोषी अधिकारी कर्मचारीयो पर कब होगी कार्यवाही कौन करेगा इस हेराफेरी इनकी जांच ?

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