स्कूल परिसर के मेडिकल गार्डन मे कराया गया सूर्य नमस्कार का अभ्यास
छिंदवाड़ा(चौथा स्तंभ) स्वमी विवेकानंद की जयंती पर 12 जनवरी को होने वाले सूर्य नमस्कार का अभ्यास शास उ मा वि सोनाखार के मेडिकल गार्डन मे योग शिक्षक रामकिशोर धुर्वे द्वारा कराया गया। शिक्षक ने बताया सूर्य नमस्कार से शरीर मे रोग प्रतिरोधक छमता बढ़ती है।

यह योगासन व प्राणायाम के बीच का सहयोग है, जिससे शरीर लचीला और विभिन्न रोगों का नाश होता है इसमें 12 मुद्राए और 7 आसान है, जो शरीर मे आक्सीजन संचार बढ़ाता है और ब्लड प्रेसर ठीक रखता है उपरोक्त उदगार योग शिक्षक ने अपने स्कूल के छोटे छोटे बच्चों को योग शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ साथ स्कूल परिसर मे ही बनाए मेडिकल गार्डन मे कहे।

शिक्षक ने कहा कि सूर्य नमस्कार से शरीर मे गरिष्ठता आती है और फेफड़ों को मज़बूत करने मे लाभ प्राप्त होता है सूर्य नमस्कार की क्रिया करने से रोगों से लड़ने की छमता प्राप्त होती है। प्राचार्य श्रीमती प्रतिभा चौरसिया ने सूर्य नमस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि छात्रों को रोज सुबह जल्दी उठकर योगासन करने चाहिए, इससे उनकी एकाग्रता बेहतर होती है और वे हर क्षेत्र मे अव्वल रहते है इस अभ्यास मे 359 छात्र छात्रा 30 शिक्षक शिक्षिका और 3 अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे

योग शिक्षक सोनाखार मे ही निवास करते है और छुट्टियों मे सुबह – साम योग कक्षा के बाद स्कूल परिसर मे कुछ समय कार्य करते है उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से योग के लिए मेडिकल गार्डन, मध्यान भोजन के लिए किचन गार्डन और वर्टिकल गार्डन बना डाले है।

शिक्षक की पौधे लगाने और उनकी देखरेख करने की एक छोटी सी पहल मे 825 वर्गफुट मे औसधीय पौधे एलोवेरा तुलसी नीम सतावर ब्रायोफाईलम अश्वगंधा हड़जूड गुरबेल पथरी की दवा किचन गार्डन मे सब्जियाँ भटे टमाटर हरा धनिया पालक मूली मुनगा कुंदरू कढ़ी पत्ता फालदार पौधे जाम केले जामुन आंवला आम बेर काजू चीकू सजावटी पौधे ट्रेकोमा मनीप्लांट दुबघास छायादार पौधे गुलमोहर पीपल। शिक्षक कहते है कम रहता है तापमान छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते है हमें स्कूल परिसर से आर्गनिक भोजन और तापमान कम और योग के लिए प्रदूषण मुक्त वातावरण मिलता रहता है

