आजीविका मिशन ने बदली गुलाबवती दीदी की किस्मत…मजदूर से बनीं सफल कृषक उद्यमी…

Chautha Sthambh

आजीविका मिशन ने बदली गुलाबवती दीदी की किस्मत…

मजदूर से बनीं सफल कृषक उद्यमी…

रिपोर्ट -रामकुमार राजपूत

दिनांक -05/01/2026

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  • छिन्‍दवाड़ा (चौथा स्तंभ)पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, छिंदवाड़ा जिले की ग्रामीण महिलाओं को अभी आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है। ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर छिंदवाड़ा जिले के हर्रई विकासखंड के ग्राम परणभटा की गुलाबवती धुर्वे, आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त पहचान बन चुकी हैं। कभी मजदूरी और सीमित संसाधनों में जीवन यापन करने वाली गुलाबवती दीदी आज सफल कृषक उद्यमी बनकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे गाँव की महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।

    संघर्षों से भरा रहा प्रारंभिक जीवन – गुलाबवती धुर्वे का जन्म एक साधारण एवं गरीब परिवार में हुआ। विवाह के बाद भी आर्थिक स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। सीमित आय, खेती के लिए पूंजी की कमी, बीज–खाद समय पर न मिल पाना और सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में परिवार की मासिक आय मात्र 8 हजार रुपये तक सीमित थी। बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतें और भविष्य की चिंता उनके जीवन का हिस्सा बन चुकी थी।

    स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदली दिशा – 28 फरवरी 2022 को गुलाबवती दीदी आजीविका मिशन के अंतर्गत “दुर्गावती महारानी आजीविका स्व-सहायता समूह” से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल वित्तीय सहयोग मिला बल्कि आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना भी विकसित हुई। समूह के माध्यम से बैंक से मिले ऋण में से 40,000 रुपये लेकर उन्होंने गेहूं, चना, मक्का और धान की व्यवसायिक खेती शुरू की।

    खेती बनी आत्मनिर्भरता का माध्यम – आधुनिक और योजनाबद्ध खेती से गुलाबवती दीदी की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आज वे हर्रई विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में अपने कृषि उत्पादों का विक्रय कर रही हैं, जिससे उनकी परिवार की मासिक आय 20,000 रुपये तक पहुँच गई है। इतना ही नहीं, अतिरिक्त आय से उन्होंने कृषि भूमि भी खरीदी है, जिस पर कृषि कार्य द्वारा भी 1 से 2 लाख की अतिरिक्त आमदनी हो जाती है।

    नेतृत्व और सम्मान – गुलाबवती दीदी वर्तमान में मातृशक्ति सीएलएफ बसुरियाखुर्द में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वे आजीविका मिशन से जुड़कर अपने परिवार को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बना चुकी हैं। उन्हें लाड़ली बहना योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का भी लाभ प्राप्त हो रहा है।

    अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा- आज गुलाबवती दीदी न केवल अपने परिवार की मजबूत आधारशिला हैं, बल्कि गाँव की अन्य महिलाओं को भी व्यवसायिक खेती और आजीविका गतिविधियों के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके मार्गदर्शन में अनेक महिलाएँ आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं। आज वे एक सफल गृहणी, सशक्त महिला और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से गुलाबवती दीदी ने यह सिद्ध कर दिया कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प से हर महिला आत्मनिर्भर बन सकती है।

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