एकलव्य आवासीय विद्यालय तामिया में नहीं रुक रहा है विवाद… फिर गोंडवाना ने सौपा ज्ञापन.. लगाया अनियमिताओं का आरोप..

Chautha Sthambh

छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में इन दिनों भ्रष्टाचार चरम पर है। चाहे जनजाति विभाग के छात्रावास हो या फिर एकलव्य आवासीय विद्यालय में इन दिनों अनियमितताओं का आरोप लगातार लगा रहें लेकिन फिर भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है जिसको लेकर कई बार गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने ज्ञापन सौंपा है। ऐसा ही एक मामला फिर सुर्खियों में है।

तामिया के एकलव्य आवासीय विधालय में अनियमितताओं का आरोप….

जिलें के सबसे बडे आवासीय एकलव्य विधालय तामिया एक बार फिर सुर्खियों में है, क्योंकि इस बार ये सब आरोप गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष देव रमन भलावी ने लगाया है। उनका कहना है कि इन दिनों आदिवासी समाज के बच्चों के साथ अन्याय एवं अत्याचार हो रहा है, ऐसी कई अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाये गयें है,गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में आज एक विस्तृत ज्ञापन आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग भोपाल एंव सहायक आयुक्त जनजाति विभाग छिंदवाड़ा को सौपा गया है यह ज्ञापन आयुक्त जनजाति कार्य विभाग भोपाल के नाम संबोधित किया गया है। क्योंकि एकलव्य आवासीय विद्यालय, तामिया में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र–छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और शैक्षणिक भविष्य से जुड़े गंभीर मामलों को लेकर आज गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा सख्त कदम उठाया गया।ज्ञापन में एकलव्य आवासीय विद्यालय, तामिया के
प्राचार्य श्री राजेश कुशवाहा एवं सहायक प्राचार्य श्री विद्याशंकर तिवारी के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

देव रमन भलावी जिला अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी छिंदवाड़ा

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  • ज्ञापन में प्रमुख आरोप…छात्र–छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे….

    एकलव्य आवासीय विद्यालय से छात्रों के बिना सूचना गायब होने, छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार, अनुचित स्पर्श एवं शिकायतों को दबाने जैसे आरोप सामने आए हैं, जो प्रथम दृष्टया POCSO अधिनियम एवं छात्र सुरक्षा नियमों का उल्लंघन प्रतीत होते हैं।

    वित्तीय अनियमितता का संदेह..
    सीमित अवधि में अत्यधिक मूल्य की कार क्रय किए जाने से आय से अधिक संपत्ति का गंभीर संदेह उत्पन्न होता है।

    सरकारी पद का दुरुपयोग…

    निजी वाहन पर “Ministry of Tribal Affairs” अंकित किया जाना सेवा नियमों का उल्लंघन बताया गया है।

    बिना टेंडर लाखों का भुगतान..

    बिना निविदा प्रक्रिया के लगभग 15 लाख रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप, जो वित्तीय नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

    शिकायतों को दबाने के आरोप –
    अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई न होना

    गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मांग की है कि—

    • आरोपों की स्वतंत्र व उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाए।
    • जांच पूर्ण होने तक दोनों अधिकारियों को पद से पृथक किया जाए।
    • छात्राओं की तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
    • सभी वित्तीय मामलों का विशेष ऑडिट कराया जाए।
    • आरोप सिद्ध होने पर कठोर विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

    गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही का नहीं, बल्कि आदिवासी छात्र–छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा है। यदि शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगी।

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