झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम कर रहे है उपचार…..
नहीं जागा स्वास्थ्य विभाग, बच्चों का भी इलाज कर रहे झोलाछाप डॉक्टर….
छिंदवाड़ा(चौथा स्तंभ) जिले के चौरई ब्लॉक के ग्रामीण अंचल में गांव-गांव में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। चाय की गुमटियों जैसी दुकानों में झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। मरीज चाहे उल्टी, दस्त, खांसी, बुखार से पीड़ित हो या फिर अन्य बड़ी बीमारियों का इलाज यह झोलाछाप डॉक्टर इलाज करते हैं। अभी कुछ समय पहले छिंदवाड़ा में हुए सिरप कांड के बाद कई झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक बंद हो गए थे लेकिन समय बीतते ही इनक शटर एक बार फिर से खुल गए हैं।
चौरई क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुलती नज़र आ रही है। यहाँ झोलाछाप और कथित बंगाली डॉक्टर खुलेआम बिना किसी योग्यता के इंजेक्शन लगा रहे दवाइयाँ दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन की नजर सब कुछ देखकर भी अनदेखा कर रही है। मीडिया टीम ने जब इन झोलाछाप डॉक्टरों से बात की, तो उनका साफ कहना था हम ऊपर तक पैसा देते हैं, इसलिए किसी से डरते नहीं… बिना किसी डर इंजेक्शन लगाते हैं। ऐसे बयान स्थानीय व्यवस्था की सच्चाई सामने लाने के लिए काफी है।
झोलाछाप डॉक्टर ने बेहिचक….
ग्रामीणों का आरोप है कि चौरई बीएमओ केवल दिखावा करते हैं, असली कार्रवाई कभी नहीं होती। स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही कहीं किसी बड़ी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को स्थिति की पूरी जानकारी होने के बावजूद न कोई निरीक्षण, न कोई रोकथाम उल्टा फर्जी डॉक्टरी को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए फर्जी क्लीनिकों को तुरंत बंद कराया जाए गांवों में योग्य डॉक्टर व स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।

कपुरदा का विष्णु वर्मा डॉक्टर द्वारा बिना लाइसेंस के दवाओं का भंडारण….
झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा बिना पंजीयन के एलोपैथी चिकित्सा व्यवसाय ही नहीं किया जा रहा है बल्कि बिना ड्रग लाइसेंस के दवाओं का भंडारण व विक्रय भी अवैध रूप से किया जा रहा है। डाँ बिष्णु वर्मा आपने निवास माचीवाडा के मकान के भीतर दवाओं का अवैध तरीके से भंडारण रहता है।
सभी बीमारियों एक छत के नीचे इलाज किया जाता है…
बीते कुछ वर्षों से बिना डिग्रीधारी डॉक्टर चौरई विकासखंड के ग्राम कपुरदा, माचीवाडा, समसवाडा, सिहोरा, में निजी क्लीनिकों में लगभग सभी गंभीर बीमारियों का इलाज धड़ल्ले से किया जा रहा है। ताजा मामला है चौरई क्षेत्र के ग्राम कपुरदा (माचीवाडा )में झोलाछाप डॉक्टरों का धंधा खूब फल फूल रहा है बिना किसी डिग्री और डिप्लोमा के लोग दूर दूर से यहां आकार अपना क्लीनिक चला रहे हैं और मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे है
चौरई बीएमओ डाँ सेन का कहना है…
हमारे द्वारा कार्रवाई की जा रही है, शिकायत मिलने के बाद डॉक्टर को सलाह दी जाती है कि अपनी डिग्री के हिसाब से इलाज करें, तो आप समझ सकते हो कि चौरई के ब्लॉक मेडिकल आँफिसर कैसे कार्रवाई करते होंगे सूत्रों का कहना है कि चौरई बीएमओ का पूरे ब्लॉक के झोलाछाप डॉक्टरों के साथ मिलीभगत है, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति होती है..!

