दुनिया के विशालतम शिवलिंग, ऊंचाई और गोलाई 33 फीट, वजन दो लाख दस हजार किलोग्राम और 106 चक्कों के ट्रालों का सफर

Chautha Sthambh


सिवनी (चौथा स्तंभ) दुनिया के विशालतम शिवलिंग जिसकी ऊंचाई और गोलाई 33 फीट, वजन दो लाख दस हजार किलोग्राम और 106 चक्कों के ट्रालों का सफर। जी हां, हम बात कर रहे हैं उस विशाल शिवलिंग की जिसे दुनिया के विशालतम शिवलिंगों में शामिल बताया जा रहा है। तमिलनाडू से पटना तक के सफर में इन दिनों यह शिवलिंग है जिसे शिवरात्रि के समय बिहार में स्थापित किए जाने की योजना है। सोमवार को जब यह शिवलिंग सिवनी जिले से होकर गुजरा तो जगह-जगह पर भक्तों का तांता इसके पूजन के लिए लग गया।


क्या आपने कभी 33 फीट ऊंचा शिवलिंग देखा है। शायद नहीं। आज हम आपको उस विशाल शिवलिंग के दर्शन कराने जा रहे हैं जो अभी किसी मंदिर में स्थापित नहीं हुआ है बल्कि निर्माण स्थल से लेकर स्थापना स्थल की यात्रा में है। सोमवार को सिवनी जिला मुख्यालय से होकर इस शिवलिंग को ले जा रहा ट्राला गुजरा जिसमें पहियों की संख्या 106 है तो देखने वालों का तांता लग गया। लोग खुद को धन्य मानते हुए शिवलिंग का पूजन करते नजर आए।

_काले ग्रेफाइट की एक चट्टान को तराशकर इस शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडू के महाबलिपुरम में किया गया है। जहां से नवबंर में इस शिवलिंग की यात्रा शुरु हुई है। लगभग 2316 किलोमीटर की यात्रा कर यह शिवलिंग बिहार के जानकी नगर पहुंचेगा जहां के विराट रामायण मंडल में बन रहे मंदिर में इसकी स्थापना की जाएगी। बताया जा रहा है कि यह मंदिर अयोध्या के श्रीराम मंदिर से भी विशाल होगा। यह मंदिर 123 एकड़ क्षेत्र में बनाया जा रहा है। शिवलिंग की बात करें तो इसका निर्माण लगभग दस सालों में हुआ है और इसके निर्माण में तीन करोड़ रुपए की लागत आई है।

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  • _इस शिवलिंग की एक और खासियत है कि इस विशाल शिवलिंग में 1008 छोटे शिवलिंग उकेरे गए हैं। तीन मंजिल की ऊंचाई वाले इस शिवलिंग के परिवहन के लिए भी खासी सावधानी बरती जा रही है। इसके गुजरने वाले मार्ग में कई स्थानों पर सड़क चौड़ी की गई है और रास्ते के पुल-पुलियों की मजबूती बढ़ाई गई है ताकि दो लाख दस हजार किलो का शिवलिंग उस पर से गुजर सके। रविवार की रात को इस ट्राले ने सिवनी जिले के रास्ते मध्यप्रदेश में प्रवेश किया है। जहां-जहां से यह शिवलिंग गुजर रहा है वहां पर स्थानीय श्रद्धालु पूजन के लिए उमड़ रहे हैं।



    विशालतम शिवलिंगों में शुमार इस शिवलिंग को सावधानी के साथ ले जाया जा रहा है। किसी तरह की आपात स्थिति के लिए एक सपोर्टिंग वाहन भी साथ-साथ चल रहा है। एक दिन में यह 50 से 80 किलोमीटर का सफर तय कर रहा है। जो आगामी दिनों में जबलपुर, रीवा आदि के रास्ते होकर बिहार पहुंचेगा। सिवनी से मनीष तिवारी की रिपोर्ट।

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