जिलें में शिक्षा व्यवस्था के बुरे हाल, प्रभारी प्राचार्यों के हाथों में शास. विद्यालयों की कमान…?
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) जिलें में इन दिनों शासकीय स्कूल के हाल बेहाल है इसका मुख्य कारण है कि इन स्कूलों में सालों से प्रभारी प्राचार्य के भरोसे इन स्कूलों का संचालन हो रहा है। जिसके कारण बिगड़ रही क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था….
स्कूलों में मेंटेनेंस के लिए आई राशि का भी बंटाधार…
जिलें में इन दिनों स्कूलों के मेंटेनेंस के लिए जो राशि आई उसमें भी प्राभारी प्राचार्य के दृारा बंटाधार कर दिया गया और फर्जी बिलों के द्वारा उसका भुगतान कर दिया गया जो काम विगत तीन बरसों से चल रहा है, लेकिन देखने वाला कोई नही
चौरई क्षेत्र के उच्च मा. विधालय बीझांवाडा
में शिक्षा व्यवस्था चौपट…?
जिलें के चौरई विकासखंड के ग्राम बींझावाडा में संचालित शास. उच्च. मा. विधालय में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट चल रही है यंहा पदस्थ शिक्षक डेली कोई चौरई से कोई छिंदवाड़ा से आना जाना कर रहा है। मनमर्जी से यहां शिक्षक आते जाते हैं लेकिन इन्हे बोलने वाला कोई नही है। निगरानी करने वाले जिला शिक्षा अधिकारी एंव चौरई में पदस्थ बीईओ को शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं जिसके कारण ऐसे शिक्षकों के हौसले बुलंद है
बीईओ का कहना है..
शासन की व्यवस्था है हम कुछ नही कर सकते है, क्योंकि अभी प्रमोशन रुका हुआ है एवं सभी शिक्षकों को मुख्यालय में रहने के लिए बोला गया है उन्होंने किरायानामा दिया है..
स्कूल में कार्यक्रमों के नाम पर प्रभारी प्राचार्य खासा पैसा कमा रहे है..
जिलें में शासकीय स्कूल के प्रभारी प्राचार्य इन दिनों स्कूल में कार्यक्रम करने के नाम पर फर्जी ब्लॉक के सहारे लाखों रुपए कमर रहे हैं,सिर्फ प्रेस विज्ञप्ति में ही पूरा कार्यक्रम संपन्न हों जाता है।
जिले से एंव विकासखंड मुख्यालय से कर रहे शिक्षक अपडाउन..
शासन के नियमों को ताक पर रख कर शिक्षक व शिक्षिका मुख्यालय में न रह कर अन्य जिलों से एंव विकासखंड मुख्यालय से आवागमन कर रहे है जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है एवं वर्तमान तक बीईओ द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एवं क्षेत्र में संचालित हो रहे शासकीय विद्यालयों में पदस्त कुछ शिक्षकों द्वारा झूठा किरायनामा लगाकर शासन को गुमराह किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरे एवं मोबाइल लोकेशन से उचित जांच हो जाए तो खुलासा सम्भव है।जिलें में पदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी कभी फोन ही नही उठते हैं और कितनी भी शिकायत करो कोई जाँच नही होती है

