छिन्दवाड़ा (चौथा स्तंभ)जिले के आदिवासी भारिया जनजाति के लोग प्रशासन के सामने पुकार लगाते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि साहब हमने का कर्ज लेकर खाद और बीज खरीदा बीबियों के गहने गिरवी रखकर पानी के ट्यूबेल लगवाए और मोटर पंप भी खरीद लिए लेकिन बिजली नहीं मिलने की वजह से आंखों के सामने खेतों की फसल सूख रही है जीने के लिए अब हमारे पास और कोई भी रास्ता नहीं बच रहा है आखिर कैसे हमारा विकास किया जा रहा है यह कहना है छिंदवाड़ा के भारिया और दूसरे जनजाति के लोगों जिनको बिजली नहीं मिलने की वजह से खेतों में लगी फसल सूख रही है।
कागज में बन रही योजना हमें जूठन समझ कर छोड़ दिया…
खिरकीघाट गांव इंद्रकुमार भारती ने अधिकारियों के सामने आदिवासियों की हकीकत बताते हुए कहा कि उन्हें आदिवासी जरूर कहा जाता है और योजनाएं भी बनाई जाती है लेकिन आदि तो दूर की बात वे सिर्फ वासी चावल के जैसे हो गए हैं जैसे लोग अपनी थालियां में वासा जूठन छोड़ देते हैं बस इसी तरह की हालत आदिवासियों के हो गए हैं आदिवासियों का कहना था कि साहब हम से भले ही आप अपने घर में अपने कपड़े धुलवा लीजिए या दूसरे काम करवा लीजिए पीने के लिए भले ही पानी मत दीजिए हम दूर से जाकर ले आएंगे लेकिन खेतों की फसल सूख रही है सिर्फ किसानों को बिजली दे दीजिए ताकि खेतों में फसल ऊग सके जमीन पर हमने बीज डाल दिया है पानी नहीं मिलने से फसल ऊग नहीं पा रही कुछ जगह उगी है तो वह सूख रही है।
सिर्फ मकान की मिली सुविधा,बाकि काम अधूरे।
जनजाति गौरव दिवस के मौके पर 15 नवंबर 2023 को पीएम-जनमन योजना की शुरुआत प्रधामनंत्री ने विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के घरों और बस्तियों को 3 सालों में सुरक्षित आवास, साफ पीने का पानी और शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, सड़क और दूरसंचार संपर्क, गैर-विद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण और टिकाऊ आजीविका के अवसरों तक बेहतर पहुंच जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है। लेकिन मढ़ी ग्राम पंचायत के सरपंच मनीष पसरिया का कहना है कि पीएम जनमन योजना के तहत उनके गांव में लोगों को सिर्फ मकान का फायदा मिल पाया है बाकी योजनाएं आज भी अधूरी है उनका गांव छिंदवाड़ा से के अंतिम छोर में है नरसिंहपुर वहां से मात्र 1 किलोमीटर की दूरी में शुरू होता है बिजली की मांग के लिए उन्होंने कहा है कि उनके गांव के पास ही एनटीपीसी नरसिंहपुर से भिमलाढाना कोड़िया तक बिजली की व्यवस्था की गई है उनके गांव को भी इसी लाइन से जोड़ दिया जाए तो उनकी बिजली की समस्या हल हो सकती है।
20 से ज्यादा गाँवो के हालात खराब,सूख रही फसल।

भारिया विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दिनेश कुमार अंगरिया ने ईटीवी भारत को बताया कि बटकाखापा सब स्टेशन से चिलक सर्किट को मिलाकर बांका फीडर है जहां पर करीब 20 गांव ऐसे हैं जिनमें बिजली के लो वोल्टेज की समस्या है 20 गांव में करीब एक से डेढ़ हजार जनजाति के लोग रहते हैं उनकी 2 हजार एकड़ जमीन की फसल सूख रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन सरकार आदिवासियों के विकास और उत्थान के लिए लगातार प्रयास कर योजनाएं बना रहे हैं लेकिन स्थानीय स्तर के अधिकारी और कर्मचारी सरकार की योजनाओं को जमीन पर नहीं उतार पा रहे हैं जिसकी वजह से सरकार की छवि धूमिल हो रही है। मैंने इसकी शिकायत जिले की प्रभारी मंत्री राकेश सिंह से भी की है लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है।
कलेक्टर ने लगाई चौपाल,गिनाई योजना।
कलेक्टर हरेन्द्र नारायण ने बताया कि बुधवार को चिलक गाँव में 15 गाँवो के लिए चौपाल लगाकर उनकी समस्या सुनी है जिसमें पीने के पानी बिजली और सड़क की समस्या हमें बताया है हमने विद्युत मंडल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जनजातीय कार्य विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों से बात करके समस्या दूर करने के लिए कहा है कलेक्टर बताया कि ओझलढाना सब स्टेशन का काम पूर्ण हो चुका है, लाइन बिछाने का भी भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा जिसके बाद इन सभी गाँवो को बिजली और वोल्टेज की समस्या से निजात मिल जाएगी। तब तक के लिए उन्होंने विद्युत मंडल को जांच कर गांव के ट्रांसफॉर्मर की लोड कैपेसिटी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, जिससे किसानों को रबी सीजन में सिंचाई में असुविधा न हो।

