जिलें में समर्थन मूल्य पर हर खरीदी में निकलता है फर्जीवाड़ा…
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) जिलें में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया से बिचौलियों को दूर रखने और वास्तविक किसानों को ही धान की खरीदी के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को एक पल करना चाहिए की सूचना देने वाले को इनाम दिया जाए जिससे जिले के समर्थन मूल्य में धान खरीदी केदो में जो फर्जीवाड़ा होता है उसमें काफी रुकावट होगी और अनाज माफिया पर अंकुश लगेगा क्योंकि विगत वर्षों से छिंदवाड़ा जिले के समर्थन मूल प्रधान खरीदी केदो पर बड़ा फरची बड़ा हो रहा है दूसरे जिले के अनाज माफिया जिले में किसानों से पंजीयन लेकर फर्जी तरीके से अपनी धान की उपज बड़े आसानी से इन खरीदी केदो पर भेज देते हैं।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केंद्र प्रभारियों की सेटिंग से होता है बड़ा खेल…
जिलें में इन दिनों बिचौलियों किसानों से धान की खरीदी कर रहे है और इन बिचौलियों के चंगुल में आकर किसान अपनी धान कम कीमत पर बैच देते हैं।और उनके साथ-साथ अपना पंजीयन भी इन बिचौलियों को दे देते हैं। जिसका फायदा इन बेचौड़ियों के द्वारा खरीदी केंद्र प्रभारी के साथ सेटिंग कर अपनी धान किसान के नाम पर बेंच देते हैं…
धान का अवैध भंडारण की सूचना देने वाले नागरिक को जिला प्रशासन को करना चाहिए पुरस्कृत…?
छिंदवाड़ा जिला प्रशासन को भी जबलपुर जिला प्रशासन की तरह धान के अवैध भंडारण की सूचना देने वाले नागरिकों को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की करनी चाहिए क्योंकि जबलपुर जिला प्रशासन ने ऐसी धोषणा की है जिससे अनाज माफिया एवं बिचौलियों पर अंकुश लगेगा। और सूचना देने के लिए मोबाइल नंबर भी जारी किए करना चाहिए । जिससे किसान इसकी शिकायत कर साके और प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा।
फर्जी पंजीयन की शिकायत की होना चाहिए जांच …
धान उपार्जन में पारदर्शिता बरतने तथा किसानों की आड़ में उपार्जन व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करने वालों पर लगाम लगाने के लिए जिलें के कलेक्टर महोदय को जिलें में सिकमी पर पंजीयन कराने वाले किसानों की सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए इस कलेक्टर छिंदवाड़ा के फेसबुक पेज पर अपलोड किया जाना चाहिए। जिस जिले के किसान इस सूची का अवलोकन कर सकते हैं और यदि उन्हें लगता है कि कोई पंजीयन गलत है या फर्जी है तो इसकी शिकायत कलेक्टर छिंदवाड़ा सीयूजी को कर सकते हैं और ऐसी शिकायत करने वालें किसानों को जिला प्रशासन को पुरस्कृत करना चाहिए
जिलें के चौरई, अमरवाड़ा, हर्रई, तामिया, में सबसे ज्यादा बिजोलिया सक्रिय…?
जिलें के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केदो पर सबसे ज्यादा चौरई अमरवाड़ा हर्रई तामिया में सबसे ज्यादा बिजोलिया सक्रिय हैं और इन जगह पर बाकायदा किसानों से 100 से ₹200 कुंतल पर इन बिचौलियों के द्वारा उनका पंजीयन खरीद दिया जाता है और बिचौलियों के द्वारा किसानों के पंजीयन पर धान की फसल इन समर्थन मूल्य केदो पर बेचा जाता है। बाकायदा इन बिचौलियों के द्वारा किसानों से खाली विड्रोल पर साइन करा कर ले लिया जाता है और जैसे ही इन किसानों के खाते में पैसे आते हैं इन बिचौलियों के द्वारा निकाल लिया जाता है सिर्फ किसानों को 50 से ₹100 कुंतल के हिसाब से इन्हें कमीशन दिया जाता है… चौरई की झिलमिली के सोयाबीन प्लांट पर खरीदी केंद्र में बड़ा फर्जीवाडा.. खरीदी केंद्र प्रभारियों की गांव-गांव के बिचौलियों से लंबी सेटिंग हर व्यापारियों से लेता है खरीदी केंद्र प्रभारी पैसा..?

