किसानों की बर्बादी का असली जिम्मेदार सरकार का झूठा MSP का वादा:- नकुलनाथ

Chautha Sthambh

किसानों की बर्बादी का असली जिम्मेदार सरकार का झूठा MSP का वादा:- नकुलनाथ

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आयोजित आंदोलन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री विश्वनाथ ओकटे, गंगाप्रसाद तिवारी, गोविंद राय, सुरेश कपाले, मनीष पांडेय, जीवन सिंह रघुवंशी, अजय पटेल, सोनू मागो, पप्पू यादव, रिंकू नैय्यर, शैलेष पाटनकर, सचिन वानखेड़े, टिंकू राय, तरूण कराडे, उदबोधन अजय पटेल व मनोज वानखेड़े ने भी दिया। गुंजन शुक्ला, नितिन उपाध्याय, गोलू पटेल, अजय ठाकुर, किरण चौधरी, जय सक्सेना, रामनारायण परतेती, मुकेश उपाध्याय, प्रकाश मेहरोलिया, धीरज सूर्यवंशी, दीपा यादव, राजेश चौधरी, फिरोज खान, गोविंद पटेल दिगम्बर ठाकरे व नरेश पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।सांय 4.30 बजे जिला कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की आयोजित बैठक में माननीय कमलनाथ जी एवं माननीय नकुलनाथ जी सम्मिलित होंगे।

सरकार के किसी भी मंत्रालय की फाइल में नहीं मिलता किसान की मेहनत का सच्चा हिसाब

सरकार 2400 नहीं 3000 हजार रुपए प्रति क्विंटल के दाम से खरीदे मक्का की उपज

विशाल किसान बचाओ आंदोलन में जमकर गरजे पूर्व सांसद नकुलनाथ

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  • छिन्दवाड़ा(चौथा स्तंभ) जिले व प्रदेश का किसान सरकार से क्या चाहता है ? सिर्फ अपनी मेहनत से उगाई हुई उपज का उचित मूल्य। किन्तु सरकार की किसान विरोधी नीतियों और बाजार में गिरते हुए मूल्य ने किसानों से लूट का नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। सही मायनों में अगर किसानों की एक एकड़ भूमि पर मक्का उपज में लगी लागत पर नजर डालें तो सामने आयेगा कि इस पूरे तानेबाने में केवल बिचौलियों का मुनाफा हुआ है। किसान की मेहनत और लागत का हिसाब किसी किताब में नहीं मिलेगा। यह तो वही जानता है जो दिन और रात खेतों में पसीना बहाता है। उक्त उदगार जिले के पूर्व सांसद माननीय नकुलनाथ जी ने कुसमेली कृषि उपज मंडी में आयोजित विशाल किसान बचाओ आंदोलन को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।

    माननीय नकुलनाथ ने अपने ओजस्वी उदबोधन की शुरुआत जय जवान….जय किसान के नारे के साथ की, उन्होंने कहा यह नारा भी देश को कांग्रेस ने दिया है। इसीलिये हम किसान की मेहनत और खेतों में बहते हुए पसीने का हिसाब जानते हैं। हमने दो माह पूर्व भी आंदोलन किया था, क्योंकि सरकार खाद नहीं दे रही थी, खाद के बदले किसान भाइयों पर लाठी चलवा रही थी और अपराध दर्ज करवा रही थी। ऐसा तो अंग्रेजों ने भी नहीं किया जैसा भाजपा की सरकार कर रही। इनकी नियत में खोट है, कहते हैं 2400 रुपए के दाम से मक्का खरीदेंगे, पर अभी तक नहीं खरीदा। मैं सरकार से मांग करता हूं कि 2400 सौ नहीं 3000 हजार रुपए के दाम से मक्का की खरीदी होनी चाहिए, तब ही किसान भाइयों की खाद, बीज, कीटनाशक, बिजली और मजदूरी की लागत निकल पाएगी। वर्तमान में मक्का उपज पर प्रति एकड़ 28 हजार रुपए की लागत लग रही। प्रति एकड़ उपज और विक्रय मूल्य को देखें तो किसान 12 हजार रुपए तक का घाटा सह रहा है। पांढुर्ना और सौंसर के कपास उत्पादक किसान भाइयों का दर्द भी कम नहीं है। सरकार कपास को समर्थन मूल्य पर नहीं खरीद रही। मेरा सरकार से सीधा सवाल है कि आखिर कपास उत्पाद किसान क्या करें? गेहूं का समर्थन मूल्य भी 3000 हजार रुपए तय किया जाए, क्योंकि सरकार खाद, बीज और बिजली सबकुछ महंगें दामों पर बेच रही फिर किसान की फसल सस्ते दामों पर क्यों बिके। उन्होंने माननीय कमलनाथ जी के कार्यकाल को याद दिलाते हुए कहा कि 2400 से 2500 रुपए प्रति क्विंटल मक्का बड़ा आसानी से बिका, तब लगत कम थी, समय अनुसार लागत बढ़ी और दाम घट रहे। इन परिस्थितियों में खेती लाभ का धंधा कैसे बनेगा, सरकार को जवाब देना पड़ेगा।

    श्री नाथ ने आगे कहा कि सिंचाई हेतु 10 घण्टे बिजली के नाम पर केवल 6-8 घण्टे ही बिजली मिल रही। रात के समय दी जाने वाली बिजली आफत से कम नहीं है। मैं सरकार से मांग करता हूं कि 24 घण्टे सिंचाई हेतु बिजली प्रदान की जाए। आंदोलन के डर से केवल आज बिजली देने से काम नहीं चलेगा। दिन में अत्याधिक समय बिजली मिले। खाद के लिए सरकारी तंत्र के चक्कर ना लगाने पड़े ऐसी व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने उपस्थित अपार जनसमूह से कहा कि मैं और माननीय कमलनाथ जी एवं पूरा कांग्रेस परिवार आपकी सभी जायज मांगों में आपके साथ खड़े हैं। कोई भी किसान भाई अपने आपको अकेला महसूस ना करें। हमारा रिश्ता राजनीति का नहीं बल्कि पारिवारिक रिश्ता है।

    जुन्नारदेव विधायक श्री सुनील उइके ने सम्बोधित करते हुए कहा कि माननीय कमलनाथ जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री माननीय मनमोहन सिंह जी के कार्यकाल में ऐसा अर्थशास्त्र बनाया कि सोयाबीन 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल बिकता था और तेल 60 रुपए लीटर मिलता था। यह तेल बनाने वाला अर्थशास्त्र है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अर्थशास्त्र है 3 हजार रुपए क्विंटल से सोयाबीन खरीदो और 160 रुपए लीटर तेल बेचो, यह तेल निकालने वाला अर्थशास्त्र है। तय जनता को करना है कि उन्हें तेल निकालने वाली सरकार चाहिए या फिर तेल बनाने वाली। भाजपा सांसद पर हमला बोलते हुए कि आदिवासियों की जमीन हड़ने वाले, उनके भाई उन जमीनों पर प्लाट काट रहे, सभी सावधान हो जाएं, क्योंकि 2028 में कांग्रेस की सरकार आएगी और इनकी सभी जमीनें नापी जाएगी, आदिवासियों को उनकी जमीन लौटाई जाएगी।

    फैक्ट फाइल:-
    खेतों में बीज, गहरी जुताई, बखरनी , बोवनी, डीएपी, यूरिया, कीटनाशक, दवाई डालना, कटाई मजदूरी, थ्रेसर, मजदूर, नरवाई प्रबंधन, रोटावेटर व ट्राली भाड़ा मिलाकर प्रति हेक्टेयर किसान को 27 हजार रुपए की लागत आ रही। एक एकड़ पर अधिकतम 20 क्विंटल पैदावार भी होती है तो एमएसपी 2400 रुपए प्रति क्विंटल तो मिलेगा 48 हजार रुपए हाथ आएंगे। उत्पादन कम हुआ और वर्तमान दाम से मक्का बिका तो किसान के हाथ केवल 15 हजार से अधिक नहीं आएंगे। शुद्ध घाटा 12 हजार रुपए आ रहा है।

    आयोजित विशाल किसान बचाओ आंदोलन में माननीय नकुलनाथ जी सहित अन्य पदाधिकारियों ने आंदोलन स्थल पर ही महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। प्रस्तुत ज्ञापन में निम्न मांगों को अविलम्ब पूरा करने की मांग की गई।
    .मक्का उपज 2400 रुपए प्रति क्विंटल के दाम से खरीदी जाए। अधिकतम मूल्य 3000 हजार निर्धारित करे सरकार।
    .सोसाइटियों से किसान भाइयों को नकद में खाद उपलब्ध कराई जाए। खाद के लिए पावती की प्रमाणित प्रति की अनिर्वायता समाप्त की जाए।
    .कृषि सिंचाई हेतु 24 घंटे बिजली प्रदान की जाए। रात की बजाए दिन में अधिक बिजली आपूर्ति दी जाए।
    .स्थाई एवं अस्थाई विद्युत कनेक्शन में किसानों से लूट बंद की जाए।
    .अनाज मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए।
    .नहरों की सफाई एवं मरम्मत का कार्य तत्काल प्रारंभ करें।
    .माइक्रो-1 एवं माइक्रो-2 लिफ्ट इरीगेशन का अधूरा कार्य तत्काल पूरा किया जाए।
    .मंडी में कार्य करने वाले हम्मलों एवं तुलइयों का पंजीयन कराया जाए।
    .माननीय कमलनाथ जी की सरकार में स्वीकृत कृषि महाविद्यालय के लिए बजट आवंटित किया जाए।
    .खाद की कीमतों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए।

    आंदोलन उपरांत माननीय नकुलनाथ जी सहित समस्त कांग्रेसजन ने मंडी परिसर में प्रवेश कर किसान भाइयों से चर्चा की। उपस्थित किसान भाइयों ने माननीय नकुलनाथ जी को अवगत कराया कि मक्का का जो दाम मिल रहा है उससे लागत भी नहीं निकल पा रही है। ज्ञापन में उल्लेखित बिन्दुओं से किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष चौधरी पुष्पेन्द्र सिंह ने अवगत कराया।

    आयोजित आंदोलन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री विश्वनाथ ओकटे, गंगाप्रसाद तिवारी, गोविंद राय, सुरेश कपाले, मनीष पांडेय, जीवन सिंह रघुवंशी, अजय पटेल, सोनू मागो, पप्पू यादव, रिंकू नैय्यर, शैलेष पाटनकर, सचिन वानखेड़े, टिंकू राय, तरूण कराडे, उदबोधन अजय पटेल व मनोज वानखेड़े ने भी दिया। गुंजन शुक्ला, नितिन उपाध्याय, गोलू पटेल, अजय ठाकुर, किरण चौधरी, जय सक्सेना, रामनारायण परतेती, मुकेश उपाध्याय, प्रकाश मेहरोलिया, धीरज सूर्यवंशी, दीपा यादव, राजेश चौधरी, फिरोज खान, गोविंद पटेल दिगम्बर ठाकरे व नरेश पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    आज पूर्व सीएम कमलनाथ का होगा छिन्दवाड़ा आगमन
    छिन्दवाड़ा:- मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय कमलनाथ जी का आज दिनांक 03 दिसम्बर 2025 दिन बुधवार को विशेष वायुयान से प्रात: 11.30 बजे ईमलीखेड़ा हवाई पट्टी पर आगमन होगा। आगमन उपरांत वे जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। माननीय नकुलनाथ जी प्रात: 10 बजे अपने निवास पर कार्यकर्ताओं एवं आगंतुकों से मुलाकात करेंगे। दोपहर 12.30 बजे चौरई पहुंचकर किसान बचाओ आंदोलन में सम्मिलित होंगे।

    सांय 4.30 बजे जिला कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की आयोजित बैठक में माननीय कमलनाथ जी एवं माननीय नकुलनाथ जी सम्मिलित होंगे।

    आज नकुलनाथ के नेतृत्व में चौरई में होगा विशाल किसान बचाओ आंदोलन

    छिन्दवाड़ा:- मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय कमलनाथ जी के मार्गदर्शन व पूर्व सांसद माननीय नकुलनाथ जी के नेतृत्व में किसान भाइयों की विभिन्न समस्याओं को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी चौरई के तत्वावधान में आज दिनांक 03 दिसम्बर 2025 दिन बुधवार को चौरई कम्यूनिटी हॉल के सामने मेन रोड चौरई में प्रात: 11 बजे विशाल किसान बचाओ आंदोलन होगा। आयोजित आंदोलन में किसान भाइयों की मक्का उपज को 3000 हजार रुपए प्रतिक्विंटल के दाम से खरीदने, डीएपी, एनपीके (12:32:16) यूरिया की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में एवं समय पर करने, खाद विक्रय के डबल लॉक केन्द्रों में पटवारी द्वारा खसरे व पावती की सत्यापित प्रति मांगी जा रही है जो पूर्णत: अनैतिक है उस पर रोक लगाने, सिंचाई हेतु बिजली आपूर्ति लगातार 24 घण्टे प्रदान करने, बिजली ट्रांसफार्मर के खराब होने पर तत्काल बदला जाए। रात्रिकालीन की बजाए पूरे समय दिन में ही बिजली सप्लाई देने सहित अन्य मांगों को लेकर विशाल किसान बचाओ आंदोलन होगा।

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