बहुजन समाज पार्टी ने कलेक्टर कार्यालय में सौपा ज्ञापन…
मृत बच्चों के परिजन को 50-50 लख रुपए मुआवजा देने की रखी बात
छिदंवाडा (चौथा स्तंभ ) दिनों छिंदवाड़ा जिले में मासूम बच्चों की ईलाज के दौरान मौत होने से पूरे देश हंडकप मचा हुआ है । क्योंकि विषैला सिरप के सेवन से किडनी फेल होने से मौत हुई है। कप सिरप तमिलनाडु की फर्म के द्वारा बनाया गया था। देश में दवाईयों का बनना एवं वितरण के लिये माकूल एक विभाग होता है, जो बनने से लेकर वितरण तक निगरानी करता है अर्थात् ड्रग कंट्रोलर (औषधीय नियंत्रक) विभाग ने अपना काम ठीक से नहीं किया, इससे जिले के दर्जनों मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी यदि किसी कंपनी ने लापरवाही करके कोई अमानक या विषाक्त दवाई बनाई थी तो उसे वहीं जांच कर रोका जा सकता था, परंतु ऐसा न होकर कफ सिरप तमिलनाडु से होकर छिंदवाड़ा, परासिया पहुँच गयी, लेकिन इस कप सिरफ की कहीं कोई जांच नहीं हुई । पूरा औषधीय नियंत्रक विभाग इन मासूमों की मौत होने तक पंगु बना रहा इसके लिये औषधीय नियंत्रक विभाग के अधिकारी के साथ-साथ केन्द्र एवं राज्य सरकार और केन्द्र एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जिम्मेदार हैं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी परासिया में आकर पीड़ित बच्चों के परिजनों को मात्र आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ लिया, जबकि उन्हें तत्काल दोषियों के सख्त कार्रवाई करते हुए सजा दिलानी चाहिए….
विरूद्ध के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कर हत्या का प्रकरण दर्ज करना चाहिए….
विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कर हत्या का प्रकरण दर्ज करने के आदेश देकर प्रत्येक बच्चे के परिजन को 50-50 लाख रूपये मुआवजा की घोषणा करना था परंतु प्रदेश के मुखिया ने ऐसा न कर संबंधित चिकित्सक एवं कुछ अधिकारियों को बलि का बकरा बनाकर इस प्रकरण को दबाने का प्रयास किया जबकि आज भी प्रतिदिन बच्चों की मृत्यु का क्रम जारी है। आज दिनांक तक लगभग 23-24 बच्चों की मृत्यु हो चुकी है।
बहुजन समाज पार्टी ने रखी मांग…
अतः बहुजन समाज पार्टी मांग करती है कि केन्द्र एवं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और संबंधित जांच अधिकारियों से तत्काल इस्तीफा लिया जाकर उनके विरूद्ध गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज करते हुये कंपनी के मालिक के विरूद्ध भी तत्काल हत्या का प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जाये जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सके एवं प्रत्येक बच्चें के परिजन को 50-50 लाख रूपये की क्षतिपूर्ति राशि एवं इलाजरत बच्चों के परिजनों को 20-20 लाख रूपये की राशि प्रदान की जावे, अन्यथा बहुजन समाज पार्टी संपूर्ण प्रदेश सहित मासूम बच्चों को न्याय दिलाने के लिये उग्र आंदोलन करेगी जिसकी समस्त जबावदारी शासन-प्रशासन की होगी ।

