छिन्दवाड़ा(चौथा स्तंभ) जिलें मे इन दिनों में साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट एवं बैंकिंग धोखाधड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं और इन सब चीजों से बचाव के संबंध में विजिल कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में एचडीएफसी बैंक के अधिकारी श्री विनोद जगवानी द्वारा प्रेजेंटेशन एवं हाल ही में घटित घटनाओं के माध्यम से सतर्क रहने एवं बचाव के संबंध में जागरूक किया गया। कार्यशाला में बताया गया कि हमारे घर के बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं इनके सॉफ्ट टारगेट होते हैं। इन्हें इस संबंध में जागरूक एवं सतर्क किया जाना अनिवार्य है। बाहर पढ़ने वाले कई युवा साइड इनकम के लिए जानकारी न होने के कारण अपना अकाउंट किसी को रेंट पर दे देते हैं, जिसका फ्रॉड करने वाले आसानी से दुरुपयोग करते हैं।
बचाव के लिए क्या करें, क्या नहीं करें – कार्यशाला में बताया गया कि साइबर फ्रॉड से बचने के लिए कभी भी किसी भी लिंक के माध्यम से पेमेंट करने से बचें। फिशिंग एवं नकली लिंक से सावधान रहें। फ्री एवं अनजान वाईफाई का उपयोग न करें। बैंक खाते में ट्रांजैक्शन अलर्ट सक्रिय करवाएं। खाते का स्टेटमेंट नियमित चेक करते रहें। अपना एटीएम कार्ड एवं चेक सुरक्षित रखें। अनजाने नंबर पर अपनी निजी जानकारी, ओटीपी आदि साझा न करें। अपना आधार नंबर आवश्यक होने पर ही कहीं दें और उसकी कॉपी में यह स्पष्ट लिखें कि किस प्रयोजन से दिया जा रहा है, जिससे उसका अन्य कहीं दुरुपयोग न हो सके।
तुरंत रिपोर्ट करें – साइबर फ्रॉड या बैंकिंग धोखाधड़ी का शिकार होने पर या संदिग्ध नंबर से कॉल आने पर तुरंत www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर दर्ज कराएं, यह सेवा 24 घंटे सक्रिय है। एन.पी.सी.आई के हेल्पलाइन नंबर 1800- 120 – 1740 पर रिपोर्ट करें। नजदीकी बैंक, पुलिस स्टेशन और साइबर सेल में 24 घंटे के अंदर सूचना दें व एफ.आई.आर दर्ज कराएं। बैंक के कस्टमर केयर या किसी कर्मचारी, अधिकारी का नंबर अपने पास जरूर रखें।
कलेक्ट ने सभी अधिकारियों से मोबाइल, इंटरनेट एवं बैंक खाते के उपयोग के दौरान पूरी सावधानियां बरतते हुए स्वयं भी साइबर फ्रॉड एवं बैंकिंग धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने एवं अपने अधीनस्थों और परिजनों को भी इस संबंध में जागरूक करने की अपील की। कार्यशाला में सीईओ जिला पंचायत व एडीएम सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
