छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) जिलें में जनजाति विभाग द्वारा संचालित छात्रावास में इन दिनों अधीक्षक खुलकर हेराफेरी कर रहे है। लेकिन विभाग में बैठे अधिकारी इन्हें सजा देने की वजह उन्हें बचते नजर आ रहे हैं, जिसके कारण आज जिलें के छात्रावास अधीक्षक खुलकर गवन करने से नहीं चूक रहे हैं…ऐसा ही मामला हर्रई विकासखंड के परतापुर अधीक्षक के द्वारा छात्रावास की राशि में हेराफेरी किया है। जिसकी शिकायत पाँच महिने पहले किया था लेकिन पाँच महिने से जनजाति विभाग द्वारा सिर्फ खाना पूर्ति की जा रही है।


ग्रामीण एंव पालकों ने लगाया अधीक्षक पर गबन का आरोप…
परतापुर अधीक्षक रविशंकर डेहरिया के द्वारा छात्रावास में बच्चे उपस्थित नहीं रहे। उसके बाद भी अधीक्षक के द्वारा माह अप्रैल 2025 की लाखों की राशि आहरण की गई.
बिस्तर सामग्री की राशि बच्चों से वसूली किया…
छात्रावास अधीक्षक के द्वारा बिस्तर सामग्री की राशि बच्चों से वसूली कर लिया है परंतु छात्रावास में कोई भी सामान नहीं लिया गया।और बच्चे अभी तक फटे पुराने गद्दो एवं चादरों में सो रहे हैं…छात्रावास में 50 बच्चे दर्ज है परंतु स्कूल में कम बच्चे दर्ज ….
परतापुर अधीक्षक के द्वारा अभी तक छात्रावास में हेराफेरी कर
लाखों का गबन किया गया है ऐसा ही फर्जी उपस्थिति दिखा कर राशि निकली गई जबकि
माह सितंबर 2025 में छात्रावास में 50 बच्चे दर्ज है परंतु स्कूल में कम बच्चे दर्ज हैं इनकी उपस्थिति का मिलान किया गया तो स्कूल में कम बच्चें उपस्थित मिले, क्योंकि कुछ बच्चों को फर्जी तरीके से प्रवेश लिया है जिनकी उपस्थिति लगाकर राशि आहरण की गई है। जो स्कूल में दर्ज नही एवं कुछ ग्राम के ही बच्चे हैं ।
मूलभूत सुविधा से वंचित है छात्रावास के बच्चे…..
परतापुर छात्रावास अधीक्षक के द्वारा इन दिनों बच्चों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है और आदिवासी आश्रम में बच्चों के भबिष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है ये सोचने का बिषय है यहां अध्ययन करने वाले बच्चों के नाम पर आने वाली राशि का अधीक्षक खुलेआम लूट कर रहा है
पूर्व अधीक्षक ने लगाया आरोप….
पूर्व अधीक्षक द्वारा सहायक आयुक्त कार्यालय में आवेदन देकर उनके कार्यकाल में उनके द्वारा व्यय की गई राशि को भी वर्तमान अधीक्षक रविशंकर डेहरिया द्वारा प्रदान नहीं किये जाने का आवेदन दिया था । लेकिन उसके बाद भी अधीक्षक रविशंकर डेहरिया ने राशि नहीं दिया गया।

अधीक्षक ने फर्जी तरीके से निकली राशि…
उक्त शिकायत की जांच कार्यालयीन पत्र कमांक 2319 दिनांक 06.05.2025 द्वारा तीन सदस्यीय दल गठित कर करायी गई। गठित दल द्वारा अभिलेखों के परीक्षण उपरान्त दिनांक 23.05.2025 को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत कर लेख किया गया कि आपके द्वारा माह जनवरी से मार्च तक
की राशि रू 351771 का आहरण किया गया जबकि टेबलेट के आधार पर व्यय 180851.40 पैसे आता है इस प्रकार आपके द्वारा बिना उच्च अधिकारियों की अनुमति के राशि रू 170919/-का अधिक आहरण किया गया। आपके द्वारा मेस संचालन किया गया किन्तु अभिलेख संधारित नहीं किये गये, चेक क्रमांक 404327 द्वारा राशि रु 136071.00 राशि नगद आहरित की गई। जिसके लिये आप अधिकृत नहीं है। इसी प्रकार चेक कमांक 404325 द्वारा राशि रू 9000 की राशि जो दिसम्बर 24 को पेयजल हेतु जमा की गई है बिना बिल के आहरित होना पाया गया।
अधीक्षक के द्वारा बच्चों को जबरदस्ती छुट्टी लेने के लिए मजबूर किया जाता….
परतापुर अधीक्षक रविशंकर डेहरिया के द्वारा जबरदस्ती छात्रों को छुट्टी लेने के लिए मजबूर किया जाता है ताकि बच्चों को मिलने वाली भोजन की राशि में गबन किया जा रहा है । है ।

सरकार द्वारा लाखों का बजट, अधीक्षक कर रहे बंदरबांट…?
आदिवासी एवं हरिजन बच्चों के उत्थान के लिए भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार अपने बजट पर आदिवासियों के उत्थान के लिए नई नई योजना बनाकर लाखों रुपए का बजट प्रतिवर्ष मुहैया करा रहा है लेकिन इस बजट की जिले में बैठे अधिकारी एवं आश्रम /छात्रावास अधीक्षक किस कदर बंदरबांट कर रहे हैं यह देखने को मिल रहा है यहां बच्चों को मिलने वाली सुविधा सिर्फ दिखावा है ।क्योंकि न इन बच्चों को समय पर खाना दिया जाता ना बच्चों को पहनने के लिए अच्छे कपड़े न ही इन को पहने के लिऐ जूते दिए जाते जबकि शासन ने इन बच्चों के लिए खाने पीने स्कूल ड्रेस नाईट ड्रेस जूते मोजे सोने के लिए पलंग बिस्तर एवं नहाने के लिए साबुन तेल की व्यवस्था के लिए राशि आवंटित की जाती है लेकिन आज छिंदवाड़ा जिले में ऐसा कहीं आश्रम और छात्रावास नहीं है जहां कमी ना देखी जाए इसका मुख्य कारण है जिला में बैठे सहायक आयुक्त एवं निगरानी करने वाले मंडल संयोजक /क्षेत्र संयोजक के द्वारा छात्रावास एवं आश्रम शाला का निरीक्षण नहीं किया, अपनी दौरा डायरी ऑफिस में बैठकर भर रहे हैं।

