खेल परिसर में आदिवासी बच्चों की जिदंगी से खिलवाड़…?

Chautha Sthambh

खेल परिसर के छात्रों को परोसे जा रहे थे बदबूदार समोसे गुणवत्ता हीन खाना…

अनुसूचित जनजाति आयोग के वरिष्ठ विविध सलाहकार पूर्व न्यायाधीश प्रकाश उईके ने किया खेल परिसर का आकस्मिक निरीक्षण…

छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) जिलें के तामिया में जनजाति विभाग द्वारा संचालित खेल परिसर में इन दिनों अधीक्षक की लापरवाही चरम पर है, लेकिन कुछ सत्ताधारी नेताओं की कृपा इन पर बनी हुई है इसलिए शिकायत होने पर भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, ऐसी ही लापरवाही आज देखने को मिली जब खेल परिसर को देखने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के वरिष्ठ विधिक सलाहकार एवं अतिरिक्त सचिव पूर्व न्यायाधीश प्रकाश उईके आदिवासी खेल परिसर में खिलाड़ी बच्चों से संवाद ,एवं बच्चों को उपलब्ध होने वाली सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचे।

आदिवासी बच्चों की जिदंगी से हो रहा खिलवाड़…?
केंद्र एवं राज्य सरकार आदिवासी समाज के बच्चे के उत्थान के लिए नई-नई योजनाएं चल रही है और आदिवासी बच्चों खेल जगत में भी अपना नाम कमा सके इसलिए उनके लिए खेल परिसर की व्यवस्था की गई है जहां आदिवासी समाज के बच्चों खेलपरिसर में रहकर खेलकूद की अच्छी तैयारी कर सकें और देश-विदेश में अपना नाम कमा सके..लेकिन यंहा पदस्थ अधीक्षक सरकार की मंशा पर पानी फिरते देख रहे हैं..!

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  • खेल परिसर में साफ सफाई एंव ठीक व्यवस्था नहीं होने पर जताई नाराजगी…

    खेल परिसर तामिया में आदिवासी समाज के खिलाडी बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं एंव खेल परिसर में साफ सफाई नही होना एंव बच्चों को मिलने वाला भोजन देखकर नाराजगी जताई क्योंकि भोजन भी गुणवत्ता हीन था…

    खेल परिसर के बच्चों को बदबूदार नाश्ता दिया गया…..

    खेल परिसर तामिया के अधीक्षक की लापरवाही चरम पर है आज खेल परिसर के बच्चों को नास्ता में जो समोसे दियें जा रहे थे उसमें बदबू आ रही थी और खाना भी गुणवत्ताहीन दिया जा रहा था,जिसे देख नाराज हो गए। इतनी खराब व्यवस्था देखकर पूर्व न्यायाधीश काफी नाराज हुए।

    खाध सुरक्षा अधिकारी को को बुलाया मौके पर…

    तामिया खेल परिसर में आदिवासी समाज के खिलाडी बच्चों के साथ हो रहा शोषण देख अधीक्षक पर कभी नाराज हुए एंव तुरंत ही जिला खाध सुरक्षा अधिकारी गोपेश्वर मिश्रा को बुलाकर जांच कराई गई। जांच में पाया गया है कि समोसे में बदबू आ रही है एवं खाना भी गुणवत्ताहीन है जिसका पंचनामा बनाया गया और खाना एवं समोसे के नमूने लिए गए और लैब जांच के लिए भेजा जायेगा

    अधीक्षक ने खेल परिसर मरम्मत में किया लाखों का गबन…?
    सूत्रों की जानकारी के अनुसार खेलपरिसर में दो सालों से मरम्मत के नाम पर जनजाति विभाग के अधिकारी एंव ठेकेदार से मिलीभगत कर अधीक्षक शीलेश राय ने लाखों की हेराफेरी किया गया है। जानकारों के अनुसार खेलपरिसर मरम्मत नाम पर लाखों के फर्जी बिलों के सारे भुगतान किया गया है जिसमें जनजाति विभाग के अधिकारी, ठेकेदार एंव अधीक्षक विगत तीन सालों से खूब मलाई खा रहे है। लेकिन जिम्मेदारों के आँख बंद कर बैठे है…?

    जनजाति विभाग के अधिकारी की कार्य प्रणाली पर फिर उठे सवाल..!

    छिंदवाड़ा जिले में आदिवासी समाज के साथ छात्रावास में हो रहे शोषण के बाद भी अधिकारी की नींद नही खुल रही है, जिले में आदिवासी समाज के बच्चों के साथ शोषण की कई धटनाएं होने के बाद भी विभाग के अधिकारी कभी इन छात्रावास का निरीक्षण नहीं करते है, निरीक्षण करने वाले अधिकारी मजे से जिला मुख्यालय में बैठकर नौकरी कर रहे हैं कभी भी इन छात्रावास आश्रम शालाओं का निरीक्षण नहीं करते, और कभी निरीक्षण करने भी आते हैं तो अधीक्षक की केबिन में बैठकर चाय पानी नाश्ता कर वापस हो जाते हैं.. इसलिए आज जिलें के छात्रावास आश्रम शालाओं की ऐसी दशा है..?

    अनुसूचित जनजाति आयोग के वरिष्ठ विविध सलाहकार पूर्व न्यायाधीश प्रकाश उईके के सामने हाथ जोड़ता खेल परिसर अधीक्षक शैलेश राय…?

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