सिविल अस्पताल परासिया के डॉक्टर प्रवीण सोनी अस्पताल से छुट्टी लेकर अपने प्राइवेट क्लीनिक में कर रहे इलाज…?
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिलें के परासिया में एक अजीब बीमारी से इन दिनों क्षेत्र में हडकंप मजा हुआ है, जंहा पर बच्चों को हल्का बुखार और जुकाम के बाद बच्चों को किडनी इन्फेक्शन हो रहा है, अब तक परासिया क्षेत्र में तीन बच्चों की मौत हो गई है और कई बच्चों का नागपुर के अस्पतालों में इलाज चल रहा है…लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि इतनी कम उम्र के बच्चे की किडनी खराब हो सकती है?
सिविल अस्पताल परासिया के शिशु रोग विशेषज्ञ… छुट्टी पर..?
बच्चों पर आयें संकट के समय सिविल अस्पताल परासिया में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ छुट्टी पर, अपने क्लीनिक में कर रहे इलाज… यह आश्चर्य की बात है कि परासिया विकासखंड में एक स्वास्थ्य समस्या ने लोगों की नींद उड़ा दी है, और बच्चों का डॉक्टर छुट्टी पर है जबकि इन दिनों बच्चों को हल्का बुखार और जुकाम होने के बाद अचानक बच्चों को किडनी इन्फेक्शन की समस्या हो रही है लेकिन सिविल अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर प्रवीण सोनी छुट्टी में है और अपने निजी क्लीनिक में इलाज कर रहे हैं जबकि इन दिनों परासिया क्षेत्र में आए बच्चों पर संकट के बाद भी डॉक्टर प्रवीण सोनी की जिला प्रशासन एंव सीएमएचओ ने अभी तक छुट्टी कैंसिल नहीं की है, जबकि सिविल अस्पताल परासिया में इनके अलावा और कोई भी डॉक्टर शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं है। जिसके कारण क्षेत्र के गरीब परिवार के बच्चों का इलाज नही हो पा रहा है,और मजबूरी में क्षेत्र के लोग शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीण सोनी की प्राइवेट क्लीनिक में अपने बच्चों का इलाज करने के लिए मजबूर हैं..

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अंकित सहलाम ने बताया….
जब इस बिषय में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर से पूछा गया कि सिविल अस्पताल परासिया में और कोई शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर है या नहीं तो उन्होंने कहा नहीं है डॉक्टर प्रवीण सोनी अभी छुट्टी में चल रहे हैं लेकिन हमने उनसे प्रार्थना की है कि वह छुट्टी कैंसल कर वापस आ जाएं… जी हाँ ये हम नही परासिया बीएमओ बोल रहे है….

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीण सोनी के प्राइवेट क्लीनिक परासिया में बीमार बच्चों की भारी भीड़….
परासिया सिविल अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीण सोनी इन दोनों छुट्टी लेकर मजे से अपने क्लीनिक में बच्चों का इलाज कर रहे हैं, डॉक्टर सोनी के क्लीनिक में देखा गया कि सैकड़ो की तादाद में माता/पिता आपने बच्चों को लेकर लोग लाइन लगाकर इलाज के लिए तरस रहे थे, क्लीनिक में इतनी भीड़ थी कि बच्चों को नंबर आने में 1 से 2 घंटे लग रहे थे….और लाइन रोड तक लगी हुई थी

तीन मासूमों की हुई मौत, हजारों बच्चों की जांच….
परासिया सिविल अस्पताल के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अंकित सहलाम ने बताया कि सर्दी जुकाम और बुखार की शिकायत के बाद कुछ बच्चों का निजी अस्पताल में इलाज कराया गया था जहां अचानक किडनी में समस्या आने लगी बच्चों को छिंदवाड़ा और नागपुर रेफर किया गया तो पता चला की किडनी में इंफेक्शन हो गया जिसमें से तीन बच्चों की मौत हुई है कुछ बच्चों का इलाज जारी है हालांकि अब स्थिति सामान्य है उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।टीम के साथ ही प्रशासन की टीम भी लगातार इलाकों का दौरा कर रही है। 5 साल तक के बच्चों का सर्वे कर सैंपल लिया जा रहा है इसका पता लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में टीम काम कर रही है..

