आरईएस विभाग का कारनामा, मामला जड़मादल ग्राम में सड़क निर्माण का…
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) जिलें में इन दिनों पातालकोट में विशेष पिछड़ी भारिया जनजाति को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा अरबो रुपए खर्च कर दिया गया है।लेकिन आज भी यंहा रह रहे भारिया जनजाति के लोग मूलभूत सुविधा के लिए तरस रहे है

ग्राम बात्रा से जड़मादल तक बनाई गई ढाई किमी सड़क पहली बारिश में खराब….
जिलें में इन दिनों आरईएस विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है ऐसा ही मामला देखने में आया है तामिया विकासखंड के ग्राम बात्रा से जड़मादल तक बनाई गई ढाई किमी सड़क पहली बारिश में खराब हो गई,
बताया जाता है कि करीब डेढ़ करोड़ की लागत से आरईएस विभाग द्वारा वर्ष 2023 में उक्त सड़क बनाई गई। किन्तु पहली बारिश में ही सड़क उखड़ गई।

भारिया जनजाति को मूलभूत सुविधाओं के लिए करोडों रुपए खर्च…
जिले के आदिवासी अंचल तामिया के पातालकोट में विशेष पिछड़ी भारिया जनजाति को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने शासन-प्रशासन द्वारा अरबो रुपए खर्च कर दिया गया है। किन्तु पातालकोट के कई ग्राम आज भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे है। आलम यह है कि जहां काम हुए है वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए है। कुछ ऐसा ही मामला ग्राम बात्रा से जड़मादल तक बनाई गई ढाई किमी सड़क का है।
बताया जाता है कि करीब डेढ़ करोड़ की लागत से आरईएस विभाग द्वारा वर्ष 2023 में उक्त सड़क बनाई गई। किन्तु पहली बारिश में ही सड़क उखड़ गई। साथ ही सड़क के आजू-बाजू बनाया गया सोल्डर पूरी तरह बह गई। तो वही डामर के पहले डब्ल्यू एमएम भी पूरी तरह बह गई। बताया जाता है कि आरईएस विभाग के इंजीनियर द्वारा यहां घटिया सड़क निर्माण कार्य..
जिले के बाहर के सप्लायरों के बिल लगाकर लाखों के वारे-न्यारे….
जिले के बाहर के सप्लायरों के बिल लगाकर लाखों के वारे-न्यारे किया गया है। तो वही ब्लास्टिंग सहित अन्य कार्यों के फर्जी बिल भी लगाया गया है। ऐसे में सड़क निर्माण
में कई अनियमितता बरती गई है। जिसके चलते पहली ही बारिश में सड़क ने दम तोड़ दिया है। मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जांच की मांग की जा रही है..