छिंदवाड़ा के सरकारी स्कूलों में हड़कंप, दो से ज्यादा बच्चे हैं तो जाएगी नौकरी..
सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग छिंदवाड़ा ने शिक्षक को किया निलंबित….
छिंदवाड़ा जिले में तीन शिक्षक को तीसरा बच्चे को जन्म देना भारी पड़ गया.
सहायक आयुक्त ने किया 7 शिक्षक को किया निलबिंत…
खबर का असर
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ )
छिंदवाड़ा जिले के जनजातीय विभाग के सहायक ने आज बड़ी कार्यवाही करते हुए तीन से अधिक संतान वाले शिक्षकों पर कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है…

पहला मामला…
वामनराव इन्दूकर प्राथमिक शिक्षक प्राथमिक शाला पोही विकास खंड जुन्नादेव को किया गया निलंबित…

दुसरा मामला…
हिरनालाल कुडोपा प्राथमिक शिक्षक प्राथमिक शिक्षक प्राथमिक शाला चोरडोंगरी विकासखंड तामिया को भी तीन से अधिक संतान के मामले में किया गया निलंबित…

तीसरा मामला….
तुलसीराम साहू प्राथमिक शिक्षक प्राथमिक शाला छावडी विकासखंड जुन्नादेव को भी निलंबित किया गया..

चौथा मामला…
मतभान शाह मर्सकोले प्राथमिक शिक्षक आदिवासी बालक आश्रम परतापुर विकासखंड हर्रई को निलंबित कर दिया गया है…
पांचवा मामला…

पांचवा मामला…

राजकुमार डेहरिया प्राथमिक शिक्षक आदिवासी बालक आश्रम शाला अंबाडा विकासखंड जुन्नारदेव को तीसरी जीवित संतान होने के मामले में उन्हें आज निलंबित कर दिया गया….
छठवा मामला….

कैलाश सूर्यवंशी प्राथमिक शिक्षक को जनवरी 2001 के बाद तीन से अधिक जीवित संतान होने की शिकायत होने पर उन्हें कारण बताओं सूचना पत्र दिया जाकर उत्तर चाहा गया। श्री सूर्यवंशी द्वारा कारण बताओं सूचना पत्र का उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। श्री सूर्यवंशी का उक्त कृत्य आदेशों की अव्हेलना एवं स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करने के साथ-साथ भर्ती नियमों के विपरीत होकर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्ते) नियम 1961 एवं मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम (एक) (दो) (तीन) के विपरीत होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है।
अतः श्री कैलाश सूर्यवंशी प्राथमिक शिक्षक को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एव अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (2) में दिये गये प्रावधानों के तहत निलंबित किया जाता है।
निलंबन अवधि में श्री कैलाश सूर्यवंशी प्राथमिक शिक्षक का मुख्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी जुन्नारदेव नियत किया जाता है।
निलंबन अवधि अतः श्री कैलाश सूर्यवंशी प्राथमिक शिक्षक कों नियमानुसार निलंबन भत्ते की पात्रता होगी।
यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
तीन से अधिक संतान वाले शिक्षकों पर आज जनजाति कार्य विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए इन सभी शिक्षकों को निलंबित कर दिया है जिससे पूरे जिले में जनजाति कार्य विभाग में तीन से अधिक संतान वाले शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है….
रिपोर्ट -ठा. रामकुमार राजपूत
मोबाइल -8989115284
ठा.रामकुमार राजपूत की खबर का असर….