छिंदवाड़ा (चौथा- स्तंभ ) जिले में रेत और मुरम का खेल फिर से शुरू हो गया है। शहरी क्षेत्र ही नहीं वनांचल में भी रेत और मुरम के माफिया बेखौफ उत्खनन कर रहे हैं। बिना रायल्टी के रेत का परिवहन भी हो रहा है। खबर है कि जिले के जुन्नारदेव,नवेगांव,खुमकाल, हिरदागढ, बिन्दई, क्षेत्रों में रेत खनन नदी तथा उसके आसपास की सहायक नदी से अवैध तरीके से रेत निकाली जा रही है रेत माफिया बिना रोक-टोक के परिवहन एंव अवैध भंडारण कर रहे हैं
इस तरह की शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होना, समझ से परे हैं। बेखोफ तरीके से रेत उत्खनन और परिवहन के मामले में खनिज विभाग के अफसरों की भूमिका भी संदेहास्प्रद है। यही नहीं जिले में मुरम का भी अवैध खनन की लगातार शिकायतें सामने आ रही है। हाल ही में छिंदवाड़ा, चौरई ब्लाक के ग्रामीणों ने राजस्व भूमि से मुरुम खनन करने की शिकायत तक की है, लेकिन इस मामले में भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
खनन को देखने वाला भी नहीं
खनिज विभाग में रेत खदानों का टेंडर हुआ है। लेकिन रेत के ठेकेदार कितनी मात्रा में रेत निकाल रहे हैं, यह देखने के लिए खनिज विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते। शायद यही वजह है कि रेत माफियाओं द्वार तय मापदंड से अधिक रेत का उत्खनन कराकर परिवहन किया जा रहा है। इससे शासन को हर रोज लाखों रूपये का नुकसान हो रहा है। ऐसी शिकायतों के बाद भी खनिज विभाग की अनदेखी समझ से परे हैं।
रेत ही नहीं मुरम का खेल भी
जिले में रेत के साथ मुरम का खेल भी जोरों से चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुरम के माफिया खनिज नियमों की अनदेखी कर धड़ल्ले से खनन और परिवहन कर रहे हैं। इसमें किसानों को भी मुरम के माफिया अपने झांसे में फंसा रहे हैं। किसानों को उनके खेत समतल करने के नाम पर लेकर मुरम की इस कदर खुदाई कराई जा रही है कि खेतों का नक्शा भी बदल रहा है। हाल ही में चौरई ब्लॉक के ग्राम मोरखा से समतलीकरण के नाम पर माफिया के द्वारा डंपर मुरम का अवैध परिवहन किया गया जिसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी की गई है । लेकिन विडंबना यह है कि शिकायत पर ना तो मौके का मुआयना करने खनिज विभाग के अफसर वहां पहुंचे और ना ही प्रशासनिक कोई कार्रवाई की गई। अफसरों की इसी अनदेखी के चलते जिले में बेधड़क अवैध खनन और परिवहन का खेल जारी है।

खनिज विभाग के अधिकारी
इस इस बिषय में खनिज अधिकारी से बात के लिए फोन लगये तो उन्होंने ने फोन नहीं उठया, और कभी भी जिला खनिज अधिकारी कार्यालय में भी नहीं मिलते है और खनिज निरीक्षक भी कभी क्षेत्र में नहीं जाते है इस कारण जिले में खनिज का अवैध खनन हो रहा है