छात्रावास मरम्मत के नाम पर घोटाला,,बिना मूल्यांकन खर्च किए लाखों रुपये…?

Chautha Sthambh

छात्रावास मरम्मत के नाम पर घोटाला,,बिना मूल्यांकन खर्च किए लाखों रुपये…?

छिंदवाड़ा /जनजातीय विभाग द्वारा संचालित आश्रम शाला और छात्रावासों के लिए सरकार ने पिछले साल लाखों रुपए का बजट जारी किया था। भवनों की मरम्मत, पुताई, नए कक्ष सहित अन्य कामों कराने छात्रावास अधीक्षकों के खातों में किश्तों में राशि जारी कर दी गई। लेकिन धरातल पर काम निर्धारित लागत से कम में करा दिए। लेकिन बिलों के भुगतान में नियमों को ही दर किनारे कर दी। कार्यों का मूल्यांकन कराए बिना ही लाखों रुपए के बिलों का भुगतान कर दिया गया है। जिससे जनजातीय विभाग द्वारा कराए इन कामों में फर्जीबाड़ा सामने आ रहा है। इन सभी कामों पर लाखों से अधिक का बजट खर्च कर दिया गया है। वहीं संबंधित कामों की जानकारी मांगने पर विभाग के अधिकारी टालने की कोशिश कर रहे हैं।

आदिम जाति कल्याण विभाग कार्यालय में बाबूओं से जानकारी मांगी। किसी ने समय नहीं होने का बहाना बनाया तो किसी ने बाहर होने की बात कही। जबकि सहायक आयुक्त फोन तक नहीं उठा रहे। अधिकारियों की संदिग्धता नजर आ रही है। यहां बिना मूल्यांकन के बिलों का भुगतान कर देने से छात्रावास अधीक्षक, विभाग के अधिकारी जांच की जद में आ गए हैं।

छात्रावासों में बिना काम कराया निकली राशि….

जिलें के मोहखेड ब्लॉक के आदिवासी बालक छात्रावास एंव भडारकुंड में 8. 5 की राशि जारी की गई है। जिनमें कन्या आश्रम शाला भडारकुंड में 5लाख और आदिवासी बालक छात्रावास मोहखेड में साढ़े तीन लाख रुपए से अधिक की राशि बिना काम के निकली गई हैं।

मरम्मत काम के लिए दी राशि….
जनजाति विभाग के द्वारा वर्ष 2024-25 में
आदिवासी बालक छात्रावास मोहखेड में पुताई, खिड़कियां में मच्छर जाली लगाने और बिल्डिंग की मरम्मत सहित करीब 3.5 लाख रुपए दिए गए हैं।

पत्रों में मूल्यांकन एजेंसी जनजाति विभाग

जनजाति विभाग द्वारा कार्यों के लिए जारी पत्रों में मूल्यांकन के लिए एजेंसी जनजाति विभाग का उल्लेख किया है। जबकि जनजाति विभाग के उपयंत्री मूल्यांकन कराने संबंधी बात से साफ इनकार कर रहे हैं। जिससे विभाग द्वारा जारी लाखों रुपए के बजट में फर्जीबाड़ा की संभावना अधिक है। मामले की जांच में स्पष्ट हो जाएगा।

अधीक्षक ने कहा दो सालों से छात्रावास में कोई काम नहीं हुआ…

जब इस बिषय मेंआदिवासी बालक छात्रावास मोहखेड के अधीक्षक से बात किये तो उनका कहना है कि दो सालों से छात्रावास में कोई काम नहीं हुआ है, छात्रावास के नाम से कैसे भुगतान हुआ है हमें नही मालूम है, बिलों का भुगतान कैसे हुआ सहायक आयुक्त ही बता सकेंगे

आदिवासी बालक छात्रावास अधीक्षक मोहखेड…

आदिवासी कान्या छात्रावास /आश्रम शाला भडारकुंड की अधीक्षिक ने कहा कि दो सालों से छात्रावास में मरम्मत का कोई भी काम नहीं कराया गया है, छात्रावास के नाम पर 5 लाख की राशि कैसे निकली हमें भी पता नहीं है, सहायक आयुक्त कार्यालय से कैसे राशि जारी हुई है आप सहायक आयुक्त सर से
जाकर पूछ सकते हैं

बिना मूल्यांकन के राशि निकली गई..

वही छात्रावास अधीक्षक का कहना है कि मूल्यांकन नहीं कराया गया है और समिति के हस्ताक्षर के बिना बिलों का भुगतान कर दिया। इस बारे में सहायक आयुक्त ही बता सकेंगे। वहीं सूत्रों का कहना है कि बिना काम के दोनों छात्रावास में 8:30 लाख रुपयें बिना काम के ठेकेदार के नाम से भुगतान कर दिया गया है। जबकि मौके पर कुछ छात्रावास में कोई भी मरम्मत का काम नहीं हुआ है । और फरवरी 2025 में ठेकेदार को 8.50लाख का भुगतान कर दिया गया है..?

हॉस्टल में कागजों में मरम्मत कर भुगतान कर दिया गया…

सूत्रों की जानकारी के अनुसार छिंदवाड़ा जिले में जनजाति कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावास में कागजों में काम दिखाकर लाखों इन दिनों निकलें जा रहे है, और जिस छात्रावास में मरम्मत के नाम पर राशि निकल रही है बहा के अधीक्षक को मालूम ही नहीं की राशि कैसे निकली गई है और कैसे बिना काम के ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया है,,हालांकि इस सब काम की जानकारी जनजातीय विभाग के बाबू और सहायक आयुक्त को होगी..?

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