नर्मदापुरम में नर्मदा नदी के बैक वाटर के चलते तीन गांव टापू में तब्दील…
एसडीआरएफ की टीम ने बीमार मरीजों को रेस्क्यू कर एंबुलेंस की मदद से पहुंचाया अस्पताल…
नर्मदापुरम – प्रदेश में हो रही लगातार बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कई जिले बाढ़ की चपेट में है। तो वहीं कई जगहों पर नदी नाले पूरी तरह तूफान पर चल रहे हैं। यदि नर्मदापुरम की बात की जाए तो तवा, बारना और बरगी के गेट खुले होने के चलते नर्मदा नदी उफान पर है।

बाढ़ के हालात को देखते हुए प्रशासन ने नदी नालों के किनारे लोगों को नही जाने की हिदायत दी है। नर्मदापुरम जिले के माखन नगर तहसील अंतर्गत आने वाले तीन गांव मुडिया खेड़ा, तमचरु और खरगावली नर्मदा नदी के बैक वाटर के चलते टापू में तब्दील हो गए हैं। राहत की बात यह है कि इन तीनों गांव के घरों में नर्मदा का बैक वॉटर नहीं भराया है लेकिन मुख्य मार्ग से इन तीनों गाँवो की कनेक्टिविटी पूरी तरह से टूट गयी है। आलम यह है कि बीमार मरीजों को अस्पताल पहुचाने के लिए एसडीआरएफ की टीम की मदद लेना पड़ रही है। मुड़िया खेड़ा गांव में रहने वाले विष्णु कीर और बसंत मेहरा को अचानक तबीयत खराब होने के चलते एसडीआरएफ की टीम ने वोट के सहारे सुरक्षित रेस्क्यू कर एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल दिन भर से बारिश थमी हुई है जिसके चलते लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है।