छिन्दवाड़ा(चौथा स्तंभ) कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के मामले में छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश में हुई बच्चों की मौत के मामले में यह पुष्टि हो गई है कि बच्चों की मौत जहरीले केमिकल
डाइएथिलीन ग्लाइकॉल पीने की वजह से हुई है बिसरा रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है।
डाइएथिलीन ग्लाइकॉल पीने से ख़राब हुई किडनी।
छिंदवाड़ा और बैतूल जिले के बच्चों को मामूली सर्दी जुकाम और बुखार की शिकायत के बाद परासिया की निजी डॉक्टर के यहां इलाज कराया गया था इन डॉक्टरों ने कोल्ड ड्रिंक कफ सिरप बच्चों को पिलाने के लिए दिया था जिसके बाद बच्चों की लगातार मौत होती गई जांच में पाया गया था कि सिरप में जरूरत से ज्यादा मात्रा में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया है जिसके बाद मृतक बच्चों की बिसरा रिपोर्ट भी जांच के लिए भेजी गई थी परासिया के एसडीओपी और सीट प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चों के आंतरिक अंगों में भी डाइएथिलीन ग्लाइकॉल दवा पाई गई है जिसकी वजह से किडनी खराब हुई थी और वही दवा कोल्ड ड्रिंक सिरप में भी ज्यादा मात्रा में पाई गई है।
सप्लीमेंट्री चार्ज शीट फिर से की जाएगी दाख़िल और लोग भी बनेंगे आरोपी।
एसआईटी प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया कि बिसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साबित हो गया है कि बच्चों की मौत कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से हुई है इसमें पाया जाने वाला केमिकल खतरनाक था इस आधार पर सप्लीमेंट्री चार्ज शीट फिर से पेश की जाएगी जिसमें इन तथ्यों को शामिल कर और भी उन लोगों को आरोपी बनाया जाएगा जो इसमें शामिल हैं।
11 आरोपियों को किया जा चुका है गिरफ्तार।
कोल्ड रिप कफ सिरप पीने के बाद बच्चों की धीरे-धीरे किडनी खराब हो रही थी इसके चलते छिंदवाड़ा सहित बैतूल जिले की 24 बच्चों की मौत हो चुकी है इस मामले में इस मध्य प्रदेश सरकार और छिंदवाड़ा पुलिस ने सीट का गठन किया था जिसमें कोल्डरिन कब सीरप बनाने वाली कंपनी श्री सन फार्मा के मालिक रंगनाथन सहित गोल्ड रेट कफ सिरप बच्चों को प्रिसक्राइब करने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी सहित स्टॉकिस्ट और केमिकल एनालिस्ट सहित कुल 11 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है सभी लोग फिलहाल जेल में हैं।
कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है परिजन।
पीड़ित परिजनों की पैरवी कर रहे एडवोकेट संजय पटेरिया का कहना है कि जिस तरीके से इस मामले में जांच होना था और कुछ लोगों को आरोपी बनाना था पुलिस ने वह किया नहीं है इसके लिए 17 फरवरी से परिजनों ने प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी है परिजनों का कहना है कि डॉ अमन सिद्दीकी और डॉ अमित ठाकुर ने भी कोल्ड्रिफ सिरप से बच्चों का इलाज किया था उन दोनों पर मामला दर्ज नहीं किया गया है जबकि पुलिस का कहना है की जांच अभी जारी है जो भी दोषी होगा उनको सप्लीमेंट्री चार्ज शीट में शामिल कर आरोपी बनाया जाएगा।
अबतक कोल्ड्रिफ कफ सिरप मामले में हुई कार्रवाई।
सर्दी जुकाम के ईलाज़ के बाद कोल्ड्रिफ कफ सीरप पीने से सितंबर 2025 से किडनी फेल होने के कारण मौतें शुरू हो गई थी।
04 अक्टूबर 2025 को ब्लाक मेडिकल आफिसर परासिया बीएमओ डॉ अंकित सहलाम की शिकायत पर मामला दर्ज कर एसआइटी गठित की गई थी।
08 अक्टूबर 2025 को पहली बार प्रकरण दर्ज कर टीम तमिलनाडु गई थी।
एसआइटी ने अब तक डा. प्रवीण सोनी, श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक जी रंगनाथन सहित 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
तीन महीने जांच के बाद एसआइटी ने जनवरी 2026 में परासिया के न्यायालय में 4 हजार 500 पेज की चार्जशीट पेश की थी।

