शराब, लापरवाही और बदसलूकी का अड्डा बना स्कूल — नशे में धुत शिक्षक निलंबित
छिंदवाड़ा(चौथा स्तंभ) सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था का एक और शर्मनाक चेहरा सामने आया है। बिछुआ विकासखंड के बडोसा एकीकृत माध्यमिक शाला राघादेवी में पदस्थ सहायक शिक्षक राजेन्द्र खोब्रागड़े को आखिरकार निलंबित कर दिया गया, लेकिन सवाल यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई?

संकुल प्राचार्य की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शिक्षक कथित रूप से शराब के नशे में स्कूल पहुंचते थे, बच्चों को पढ़ाने के बजाय स्कूल परिसर में ही सो जाते थे और मध्यान्ह भोजन सहायिका के साथ अभद्र व्यवहार करते थे। ग्रामीणों से विवाद की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही थीं। नतीजा— मासूम बच्चों की पढ़ाई चौपट होती रही और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे रहे।
मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय तय किया गया है।
हालांकि, यह कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था पर खड़े बड़े सवालों को ढंक नहीं सकती। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी होती, तो बच्चों का शैक्षणिक नुकसान नहीं होता। अब मांग उठ रही है कि पूरे मामले की गहन जांच हो और यह पता लगाया जाए कि आखिर इतने दिनों तक शिक्षक की करतूतों पर पर्दा किसने डाले रखा।
सरकारी स्कूलों में अनुशासनहीनता और लापरवाही का यह मामला शिक्षा तंत्र की पोल खोल रहा है। देखना होगा कि प्रशासन सिर्फ निलंबन तक सीमित रहता है या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर उदाहरण पेश करता है।
