टैक्स की लूट, सुविधाएँ गायब: निगम अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस का सड़क पर उतरकर सफाई अभियान
छिंदवाड़ा(चौथा स्तंभ )
भाजपा शासित नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा में अव्यवस्था अपने चरम पर है। जनता की जेब से भारी टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन बदले में न स्वच्छता मिल रही है, न सुविधाएँ और न ही कर्मचारियों को उनका हक़—वेतन। इसी जनविरोधी और कर्मचारी विरोधी रवैये के खिलाफ नगर निगम अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सोनू मागो के नेतृत्व में कांग्रेस ने शहर की सड़कों पर उतरकर जोरदार सफाई अभियान चलाया।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा को जनता की तकलीफ से नहीं, सिर्फ टैक्स वसूली से मतलब है। स्वच्छता कर, जलकर, संपत्ति कर सहित निगम की कई आय के स्रोत होने के बावजूद पिछले दो महीनों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला, जिससे वे हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए। नतीजा—पूरे शहर में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, जगह-जगह कचरे के ढेर और बदबू से जनता त्रस्त।
“पहले टैक्स, फिर भ्रष्टाचार—यही भाजपा मॉडल” : सोनू मागो
निगम अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सोनू मागो ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी और पूर्व सांसद नकुलनाथ जी के कार्यकाल में जनता पर कभी अनावश्यक टैक्स का बोझ नहीं डाला गया। न्यूनतम टैक्स में बेहतर सुविधाएँ दी गईं। आज हालात उलट हैं—भारी भरकम टैक्स, लेकिन सुविधाएँ शून्य।
उन्होंने कहा कि कभी कचरा वाहन नहीं चलते, कभी सफाई नहीं होती, आग बुझाने के लिए पर्याप्त दमकल तक नहीं है। निगम में फैला भ्रष्टाचार इतना गहरा है कि कर्मचारी महीनों से वेतन के लिए भटक रहे हैं। वेतन न मिलने से कर्मचारियों का परिवारिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

कांग्रेस का संदेश: टैक्स ही नहीं, कचरा भी समेटो
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में कांग्रेस ने खुद झाड़ू उठाई।
गोलगंज से शुरू हुआ सफाई अभियान गांधी चौक, पानी टंकी, सब्जी मंडी, एसडीएम कार्यालय, कलेक्ट्रेट परिसर होते हुए निगम कार्यालय तक पहुँचा।
इस दौरान पार्षद चिंटू काले, टिंकू राय, आशुतोष श्रीवास्तव, राहुल मालवीय, नदीम अहमद, प्रबल सक्सेना, वेदांत दुबे, नारू सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने सड़कों पर उतरकर कचरा साफ किया और भाजपा सरकार को स्पष्ट संदेश दिया—
“जनता से टैक्स वसूलना आता है, तो शहर से कचरा उठाना भी सीखो।
ग्रीन छिंदवाड़ा–क्लीन छिंदवाड़ा का सपना सिर्फ नारों से नहीं, जिम्मेदारी से पूरा होगा।”
कांग्रेस ने मांग की कि जनता से वसूले जा रहे टैक्स के बदले सुविधाएँ दी जाएँ, नियमित कर्मचारियों को समय पर वेतन मिले और चुंगी कर का बहाना बनाकर जिम्मेदारियों से न भागा जाए—क्योंकि कर्मचारियों का भी घर-परिवार है।

