जनजाति विभाग में मरम्मत के नाम पर करोड़ों के भ्रष्टाचार …?

Chautha Sthambh

जनजाति विभाग में मरम्मत के नाम पर करोड़ों के भ्रष्टाचार …?

चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा)मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे है, लेकिन कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारी संजिदा नजर नही आ रहे है। जीं हां ताजा मामला छिंदवाड़ा जिला के जनजातीय विभाग में छात्रावास के मरम्मत के नाम चल रहा भ्रष्टाचार का मामला समाने आ रहा है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार लगातार जीरों टाॅलरेंस का दावा करती है। लेकिन सरकार के इन दावों पर प्रशासनिक अफसर पलीता लगाने से बाज नही आ रहे है।

सरकार आदिवासियों के लिए बेहतर और अच्छी शिक्षण सुविधाएं के लिए करोडो का बजट..?

मध्यप्रदेश सरकार आदिवासियों के लिए बेहतर और अच्छी शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने प्रयासरत है। इसके लिए समय समय पर करोड़ों रुपए के फंड भी आवंटित किए जाते है लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते शासन की राशि में किसी न किसी तरह से पलीता लगाया जा रहा है..

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  • परासिया विकासखंड के कान्या शिक्षा परिसर एंव छात्रावास मरम्मत में करोड़ों का बजट…

    जिलें में इन दिनों जनजातीय विभाग के द्वारा संचालित छात्रावास में मरम्मत के नाम पर विभागीय उपयंत्री और ठेकेदार का बडा खेल कर रहे है, सूत्रों की जानकारी के अनुसार कान्या शिक्षा परिसर परासिया में बाउंड्री वॉल अतिरिक्त कक्ष एवं रेनोनेवशन के नाम पर ठेकेदार एंव उपयंत्री मिलकर बंदरबट करने में लगें है। बाउंड्री वॉल एवं अतिरिक्त कक्षा में गुणवत्ताहीन काम हुआ है और कान्या शिक्षा परिसर में रेनोनेवशन के नाम पर सिर्फ पुताई कर दी गई है। जबकि जनजाति विभाग के द्वारा कन्या शिक्षा परिसर के खातें में कुल- 2014342 का बजट स्वीकृत हुआ था जिसमें कई काम तो कागजों में हुए है विभागीय सब इंजीनियर के द्वारा इन संस्थाओं में कराये गयें अनुरक्षण/लधुमूल निर्माण कार्यों का विभागीय उप यंत्री द्वारा संपूर्ण किए गए कार्यो का स्थल निरीक्षण / भौतिक सत्यापन संपूर्ण रूप से किया जाना चाहिए था लेकिन उपयंत्री जिला मुख्यालय में बैठकर ही स्थल निरीक्षण कर लेते है और बिना सत्यापन के ठेकेदारों को भुगतान करा देते है। जबकि मोहखेड ब्लॉक के कई छात्रावास में सिर्फ कागजों में काम दिखाकर बिलों को भुगतान कर दिया गया,

    उपयंत्री ने बिना स्थल निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन के कर दियें लाखों का भुगतान..!

    परासिया ब्लॉक के कई छात्रावास में अभी मरम्मत का कार्य ठेकेदार के द्वारा किया जा रहा है वो छात्रावास ये है, आदिवासी बालक छात्रावास परासिया में पुताई, पुट्टी, सी. सी. रोड, दरवाजे खिडकी मरम्मत के लिए -1453814 की राशि दी गई इसी प्रकार अनुसूचित जाति कान्या छात्रावास न्यूटन चिखली में रेनोनेवशन आदि कार्यो के लिए इतनी राशि आवंटित की गई है 249625 जिसमें अभी काम हुआ है जिसमें भी कई छात्रावास में अभी प्रोफाइल सीट रुफिंग, सीलिंग का कार्य, एलूमीनियम सेक्शन में मछरदानी भी नही लगाई गई है भवन के छत में वायरिंग को वाटर प्रूफिंग शौचालय एवं स्नानागार में नए दरवाजे खिड़की, शौचालय में टाइल्स लगाने का काम भी गुणवत्तापूर्ण नहीं किया गया हैऔर उपयंत्री ने बिना स्थल निरीक्षण एंव कार्यों का सत्यापन के बिल का भुगतान करा दिया गया..

    ठेकेदारों को फर्जी बिल से भुगतान वाले उपयंत्री पर अफसर मेहरबान…!

    जनजातीय विभाग के उपयंत्री इन दिनों ठेकेदारों को फर्जी बिल के सहारे लाखों का भुगतान कर रहे हैं। जिले के जनजातीय विभाग के छात्रावास एंव स्कुल में हुए करोड़ों रुपए के मरम्मत काम में जमकर बंदरबट हुआ है यदि इन कामों की विभागीय जाँच हुई तो बडा मामला खुलकर सामने आ सकता है

    आखिर बिछुआ के पवार कांट्रेक्शन पर क्यों मेहरबान है उपयंत्री और अफसर…?

    विभागीय सूत्रों की जानकारी के अनुसार इन दोनों जनजाति कार्यवाहक के उपयंत्री और अवसर खुलकर बिछुआ के पावर कांट्रेक्शन पर मेहरबानी देखा रहे है तब तो पूरे बिछुआ ब्लॉक के स्कूल एंव छात्रावास का रेनोनेवशन का काम एक तरफा दिया गया है। आखिर जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त एंव उपयंत्री ने बिना निविदा के अपने चाहते ठेकेदार को कैसे काम दे दिया है। इसकी जाँच होना चाहिए और इसकी जाँच ईडब्ल्यूओ से करना चाहिए…

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