छिंदवाड़ा में आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं से प्रभावित हुए सहायक आयुक्त, भंडारकुंड आश्रम को मॉडल बनाने के निर्देश..
उत्कृष्ट विद्यालय बिछुआ के बच्चो से कहा
सम्मान और सफलता पाने के लिए मेहनत और अनुशासन आवश्यक है।
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ)
सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा द्वारा जिले के विभिन्न आदिवासी आश्रम-छात्रावासों एवं शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने आदिवासी कन्या आश्रम भंडारकुंड एवं छात्रावास का निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाएं अत्यंत संतोषजनक पाई गईं। संस्थान की स्वच्छता, अनुशासन, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं बच्चों की प्रगति को देखकर सहायक आयुक्त ने प्रसन्नता व्यक्त की।

निरीक्षण के दौरान छात्राओं से संवाद किया गया एवं स्मार्ट क्लास का भी अवलोकन किया गया। छात्राओं से हिंदी एवं अंग्रेजी में पढ़वाया गया। पहाड़े पूछे जाने पर अधिकांश छात्राओं ने 30 तक के पहाड़े आत्मविश्वास के साथ सुनाए। शैक्षणिक स्तर को देखते हुए सहायक आयुक्त ने संस्था की भूरी-भूरी प्रशंसा की एवं समस्त स्टाफ के कार्यों की सराहना की।

सहायक आयुक्त ने आदिवासी कन्या आश्रम भंडारकुंड को छिंदवाड़ा जिले के आश्रम-छात्रावासों के लिए मॉडल आश्रम बनाने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी आश्रम अधीक्षकों की बैठक इसी संस्था में आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि अन्य आश्रमों के अधीक्षक यहां से प्रेरणा लेकर अपनी संस्थाओं का भी विकास कर सकें।

इसके पश्चात सहायक आयुक्त द्वारा आदिवासी बालक आश्रम सांभरबोह का भी निरीक्षण किया गया। यहां की व्यवस्थाओं से भी वे संतुष्ट नजर आए। बच्चों से पहाड़े, जोड़-घटाव एवं गुणा से संबंधित प्रश्न पूछे गए। साथ ही बच्चों से देश के प्रधानमंत्री एवं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम पूछा गया, जिसका सभी बच्चों ने सही उत्तर दिया। बच्चों की जानकारी और आत्मविश्वास देखकर सहायक आयुक्त ने प्रसन्नता व्यक्त की एवं दोनों संस्थाओं को आदर्श संस्था के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त सहायक आयुक्त द्वारा शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बिछुआ का भी निरीक्षण किया गया। कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सम्मान और सफलता पाने के लिए मेहनत और अनुशासन आवश्यक है। बोर्ड परीक्षा के महत्व को समझाते हुए विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने एवं लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करने की सलाह दी।

उन्होंने विद्यार्थियों को कैरियर मार्गदर्शन देते हुए बताया कि कक्षा 10वीं भविष्य की नींव है और इसी कक्षा में की गई मेहनत आगे का रास्ता तय करती है। सहायक आयुक्त ने विद्यार्थियों को प्रदेश स्तर पर टॉप करने के लिए प्रेरित किया एवं कहा कि जो व्यक्ति अनुशासन में रहता है, वही जीवन में सफलता प्राप्त करता है।

