सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग पर हर्रई के शिक्षकों ने लगया आरोप….
सहायक आयुक्त को बार बार शिकायत के बाद भी बीईओ को सिर्फ कारण बताओं नोटिस…?
हर्रई ब्लॉक के समस्त शिक्षक/ शिक्षिकाओं के द्वारा 28 दिसंबर को कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन….
चौथा स्तंभ (छिंदवाड़ा) मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के आदिवासी विकासखंड हर्रई के शिक्षक /शिक्षिका के द्वारा 28 दिसंबर को विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश कलंबे के खिलाफ जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा को सामूहिक रुप से ज्ञापन सौंपेगे,सूत्रों का कहना है कि हर्रई के शिक्षक /शिक्षिका लगभग 15 सालों से बीईओ से त्रस्त होने के कारण इतना बडा कदम उठा रहे है। और अब पूरे हर्रई विकासखंड के शिक्षक/शिक्षिका अब आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हो रहे हैं..

शिक्षकों का आरोप सहायक आयुक्त बचा रहे हैं बीईओ प्रकाश कालंबे को…
हर्रई ब्लॉक के शिक्षकों का आरोप है कि जिले में बैठे जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त इन बीईओ प्रकाश कलंम्बे को बचा रहे क्योंकि विगत दो सालों से शिकायत करने के बाद आज तक सहायक आयुक्त ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कि सिर्फ उन्हें कारण बताओं नोटिस देकर उन्हें बार-बार बचा लिया जाता है…

28 दिसंबर को
हर्रई विकासखंड के समस्त शिक्षकों ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की तैयारी कर ली है। शिक्षक विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रकाश कालांबे से परेशान है और कारवाही नहीं होने के कारण लगातार आंदोलन कर रहे हैं शिक्षकों द्वारा जिला कलेक्टर, छिंदवाड़ा को ज्ञापन सौंपने हेतु औपचारिक अनुमति का आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि दिनांक 28 दिसंबर 2025 को दोपहर 2:00 बजे हर्रई विकासखंड के सभी शिक्षक एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देना चाहते हैं। इस ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों की वेतन, एरियर, क्रमोन्नति, एनपीएस, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों से जुड़ी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा।शिक्षकों ने कलेक्टर महोदय से निवेदन किया है कि वे ज्ञापन सौंपने की अनुमति प्रदान करते हुए इसे स्वीकार करने की कृपा करें, ताकि उनकी समस्याओं का विधिवत निराकरण हो सके।
कई शिक्षक प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर आवेदन पत्र पर विकासखंड हर्रई के कई शिक्षक प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं, जिनमें प्रमुख रूप से नरेन्द्र यादव, लक्ष्मीकांत गुप्ता, विनोद नायक, रविशंकर विश्वकर्मा, रोहित परतेती, संतराम नरे, द्वारका प्रसाद डेहरिया, रामगोपाल उईके सहित अन्य शिक्षक शामिल हैं।

