जनजातीय गौरव दिवस 2025 : भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के समापन अवसर पर छिंदवाड़ा में जिला स्तरीय कार्यक्रम का हुआ आयोजन
आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिये सरकार प्रतिबद्ध –
आदिवासी गौरव को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में भगवान बिरसा मुंडा का अद्वितीय योगदान
छिन्दवाड़ा (चौथा स्तंभ)भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के समापन वर्ष पर देशभर में पाँचवाँ जनजातीय गौरव दिवस सम्मानपूर्वक मनाया गया। जिले के दशहरा मैदान (पोला ग्राउंड) में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम किया गया। वहीं राज्य स्तरीय कार्यक्रम जबलपुर जिले के गैरिसन ग्राउंड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना एवं जनजातीय पुजारियों द्वारा पावन सुमरणी आरती के साथ हुआ। भगवान बिरसा मुंडा ऐसे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे जिन्होंने आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा के लिए ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशक्त संघर्ष छेड़ा। उनकी वीरता, त्याग और बलिदान के कारण आज पूरा देश गर्व की अनुभूति कर रहा है।उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल भगवान बिरसा मुंडा की जयंती ही नहीं, बल्कि उन सभी आदिवासी वीर शहीदों के प्रति सम्मान का अवसर है जिन्होंने देश की आज़ादी और समाज की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। आदिवासियों के आर्थिक सशक्तिकरण एवं समग्र विकास हेतु 47296 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा उपलब्धता और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। इसी दिशा में 18 हजार से अधिक आदिवासी परिवारों को विद्युत सुविधा से जोड़ा गया है, जहाँ पहले अंधेरा रहता था, वहाँ आज उजाला पहुँच चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक आदिवासी परिवार तक मूलभूत सुविधाएँ पहुँचें और समाज की प्रगति तेज़ गति से आगे बढ।


