छिंदवाड़ा में सुरों से सजगता: जेल तिराहे पर एएसआई का अनोखा अभियान
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ )
छिंदवाड़ा में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर पुलिस का एक अनोखा अंदाज़ देखने को मिल रहा है। यहां एक एएसआई गाना गाकर न सिर्फ लोगों को जागरूक कर रहे हैं, बल्कि सिग्नल पर ही उन्हें यातायात नियमों की शपथ भी दिला रहे हैं। हर शाम जेल तिराहे पर दिखने वाला यह नजारा अब लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है।
यातायात पुलिस अनोखे अंदाज में कर रही हैं लोगों को जागरूक …
छिंदवाड़ा के जेल तिराहे पर जैसे ही सिग्नल रेड होता है, ट्रैफिक के शोर के बीच एक अलग ही आवाज़ गूंजने लगती है। यह आवाज़ है एएसआई अशोक मर्सकोले की, जो गाने के जरिए लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और यातायात नियमों का पालन करने का संदेश देते हैं।
उनकी मधुर आवाज़ और सरल शब्द राहगीरों का ध्यान खींच लेते हैं। कुछ ही पलों में सिग्नल पर खड़े वाहन चालक भी इस अनोखी पहल का हिस्सा बन जाते हैं।
यातायात पुलिस के ए एस आई….
अशोक मर्सकोले, एएसआई
“हम चाहते हैं कि लोग नियमों को डर से नहीं, बल्कि समझ और जिम्मेदारी से अपनाएं। अगर गीत-संगीत से संदेश पहुंचता है तो इससे बेहतर तरीका क्या हो सकता है।”
पुलिस का अनोखा अंदाज….
अशोक मर्सकोले का यह अनोखा अंदाज़ लोगों को आकर्षित भी कर रहा है और असरदार संदेश भी दे रहा है। सिग्नल पर रुकने वाले वाहन चालक न सिर्फ गाना सुनते हैं, बल्कि ट्रैफिक नियमों का पालन करने की शपथ भी लेते हैं।
युवाओं और बच्चों में इस पहल को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। कई लोग तो मोबाइल में वीडियो बनाकर इस सकारात्मक पहल को सोशल मीडिया पर भी साझा कर रहे हैं।
वाहन चालक ने कहा पुलिस की अच्छी पहल…
“पहले हम सिग्नल पर बस खड़े रहते थे, लेकिन अब यहां एक सीख भी मिलती है। गाने के जरिए जो संदेश मिलता है, वो दिल तक पहुंचता है।”
जिला मुख्यालय के शहर में हर शाम जेल तिराहे पर चलने वाली यह पहल अब जागरूकता की मिसाल बन चुकी है। पुलिस का मानना है कि यदि लोग इसी तरह जिम्मेदारी से ट्रैफिक नियमों का पालन करेंगे तो सड़क हादसों में निश्चित ही कमी आएगी।
छिंदवाड़ा में ट्रैफिक जागरूकता का यह सुरों भरा अभियान न सिर्फ लोगों को सुरक्षा का संदेश दे रहा है, बल्कि पुलिस और आमजन के बीच भरोसे की नई डोर भी मजबूत कर रहा

