एफआईआर के लिए प्रधान आरक्षक ने मांगे 5 लाख, 75 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार — मनीष पटवा
लोकायुक्त जबलपुर की बड़ी कार्रवाई — केवलारी थाना में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश
हवाला से रिश्वतकांड तक — सिवनी पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
सिवनी (चौथा स्तंभ)
सिवनी पुलिस इन दिनों विवादों और भ्रष्टाचार के मामलों में घिरी है। कुछ ही हफ्तों में दो बड़े खुलासे सामने आए हैं। पहले 3 करोड़ के हवाला कांड में वरिष्ठ अधिकारी गिरफ्तार हुए, और अब केवलारी थाना के प्रधान आरक्षक मनीष पटवा रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए।
लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने शिकायत मिलने के बाद ट्रैप ऑपरेशन किया। आरोपी ने एक शिकायतकर्ता से एफआईआर दर्ज कराने के एवज में 5 लाख रुपये की मांग की थी। 75 हजार रुपये की दूसरी किस्त लेते समय उसे गिरफ्तार किया गया। नोटों पर फिनॉलफ्थेलीन पाउडर लगाया गया, और जैसे ही आरक्षक ने पैसे छुए, नोटों का रंग बदल गया।
शिकायतकर्ता नितिन पाटकर ने ठेके में घटिया निर्माण और आर्थिक गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रधान आरक्षक ने रिश्वत मांगी, लेकिन पाटकर की बहादुरी से लोकायुक्त की कार्रवाई संभव हो सकी।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं, और आरोपी को जबलपुर भेज दिया गया है। जनता में अविश्वास बढ़ा है, और सामाजिक संगठन कड़े कदमों की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सिवनी पुलिस को आत्ममंथन करना होगा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी होगी और जनता का भरोसा दोबारा जीतना होगा।

