सरकारी स्कूल की छात्रा के सिर पर गिरा पंखा.. छात्र हुई बेहोश, बड़ा हादसा टला…?

Chautha Sthambh

स्कूल की छात्रा के ऊपर गिरा सिलिंग फेन

छात्र हुई बेहोश, बड़ा हादसा टला…


छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ) जिलें के शिक्षा की फिर एक बडी लापरवाही सामने देखने को मिली जंहा इन दिनों छात्र की जिंदगी से खिलवाड़ करते नजर आ रहे हैं,

छात्र के सिर पर गिरा पंखा.. स्कूल में मची अफरा- तफरी…?

जी हाँ हम बात कर रहे है जिलें के परासिया ब्लॉक के शासकीय आदर्श कन्या हाई सैकेंडरी विधालय परासिया की जंहा एक छात्र तिमाही परीक्षा दे रही थी तभी उसके सिर पर पंखा गिर गया..

स्कूल में मची अफरा
तफरी मच गई…

शासकीय आदर्श कन्या हाई सैकेंडरी विधालय परासिया में उस समय अफरा तफरी मच गई । जब क्लास रूम में त्रिमाही परीक्षा दे रही कक्षा 12 वी की छात्रा के सिर पर पंखा आ गिरा। पंखा गिरने के पश्चात छात्रा मदहोश हो गई। जिसे उपस्थित शिक्षक -शिक्षिकाओं ने तत्काल उठाकर दूसरे कक्ष में ले गए। जहां कुछ समय पश्चात छात्रा को होश आया…

स्कूल प्राचार्य ने बताया…

शासकीय आदर्श कन्या हाई सैकेंडरी विधालय परासिया की प्राचार्य स्वर्ण कुमारी सिंह ने बताया कि परीक्षा के दौरान सभी छात्राए अपने अपने स्थान पर बैठकर परीक्षाएं दे रही थी। तभी कक्ष क्रमांक 14 में एक सीलिंग फेन अचानक नीचे गिरा जो कक्षा 12 वीं साइंस की छात्रा के ऊपर गिरा। जिससे उसके सिर व कंधा मे अंदरुनी चोटे आई। जिसे तत्काल शाला स्टाफ द्वारा उस छात्रा को शासकीय सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां उसका उपचार किया गया। प्राचार्य श्री सिंह का कहना था कि छात्रा की हालत ठीक है। जरूरत पड़ने पर उसे सिटी स्कैन कराने छिंदवाड़ा ले जाया जाएगा।

स्कूल के ज्यादातर कमरे की हालत जर्जर….
इन दिनों शिक्षा विभाग में करोडों रुपये स्कूल की मरम्मत के नाम पर पानी की तरह बहा रहे हैं फिर भी स्कूल की हालात सुधार नहीं रही है जबकि रमसा में इन दिनों करोडो का खेल स्कूल मरम्मत के नाम पर चल रहा है तो आखिर फिर इन स्कूलों की हालत ऐसी क्यों..!

ज्ञात हो कि ज्यादातर शालाओ के कमरों की हालत जर्जर स्थिति में है। वही वर्षों से लगे पंखों की जांच नहीं हो पाती। ना ही उनके रखरखाव पर स्कूल प्रबंधन द्वारा ध्यान दिया जाता है। ऐसी ही लापरवाही के चलते ऐसे हादसे घटित हो जाते हैं विद्यालय भवनों की हालत जर्जर है और वर्षों पुराने पंखों व विद्युत उपकरणों की जांच या मरम्मत समय-समय पर नहीं हो पाती। और ऐसे हादसे घटते हैं और निर्दोष छात्र-छात्राओं को उसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। आखिर कब देखे जिलें में बैठे कलेक्टर साहब ध्यान..?

रिपोर्ट -ठा. रामकुमार राजपूत
मोबाइल -8989115284

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