स्कूल के आकस्मिक निरीक्षण में शिक्षक अनुपस्थित पाये…?

Chautha Sthambh

स्कूल के आकस्मिक निरीक्षण में शिक्षक अनुपस्थित पाये…


छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ ) जिलें में इन दिनों शासकीय स्कूल में शिक्षकों की लापरवाही के कारण छात्रों का भबिष्य खराब हो रहा है, जिलें में आये दिनों शिक्षकों की लापरवाही की बात आम हो गई है हालत यह है कि स्कूल में बच्चों को शुध्द हिन्दी पढ़ना नहीं आ रहा है तो समझ सकते हो कि जिलें में शिक्षा की स्थिति कैसे होगी…

जिला मुख्यालय से आना जाना करते है शिक्षक / शिक्षिकाएं..?
जिले के सरकारी स्कूल इन दिनों भगवान भरोसे संचालित हो रहे है क्योंकि इन स्कूल में पढाने वाले शिक्षक कभी समय पर स्कूल नहीं आते है कारण है सिर्फ एक भी शिक्षक यंहा नही रहते है सभी शिक्षक जिला मुख्यालय से रोज आना जाना करते है इसलिए कहना गलत नहीं होगा कि सरकारी स्कूल में पढाने वाले बच्चों का भबिष्य संकट में है, क्योंकि जब शिक्षक यदि समय में नहीं पहुंचेंगे तो फिर बच्चों को पढ़ाई कैसे होगी…?

दरसल ऐसा ही मामला छिंदवाड़ा विकासखंड के शास. उमावि सांख जटामा संकुल केंद्र उभेगांव का आकस्मिक निरीक्षण किया गया आकस्मिक निरीक्षण में बिना अवकाश स्वीकृति के

जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.एस.बघेल ने बताया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी छिंदवाड़ा एवं जिला व्यवसायिक समन्वयक, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 12 अगस्त को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांख जटामा (संकुल उभेगांव) का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कई शिक्षकों की गंभीर लापरवाही सामने आई।

      निरीक्षण के दौरान बिना अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित पाये गये शिक्षकों में प्रभारी प्राचार्य श्री आनंद द्विवेदी, उच्च माध्यमिक शिक्षक श्रीमती निधि मिश्रा, प्रयोगशाला शिक्षक श्री आई.के. बरकोरिया एवं माध्यमिक शिक्षक श्रीमती विनिता रैकवार शामिल हैं। वहीं प्रार्थना के बाद विद्यालय में देरी से पहुंचे शिक्षकों में श्री रविशंकर धुर्वे, श्री राजकुमार डेहरिया, श्री चैतराम वानखेडे, श्री दिगम्बर पराडकर, श्री गोबर्धन बिसेन एवं श्री रामरतन वर्मा के नाम दर्ज किये गये।

       निरीक्षण में यह भी पाया गया कि प्रभारी प्राचार्य श्री आनंद द्विवेदी ने बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के अवकाश लिया। कक्षा 11वीं व 12वीं में अंग्रेजी विषय का एक भी कालखंड नहीं पढ़ाया गया, शालेय अभिलेखों व टाइम-टेबल में अनियमितताएं पाई गईं। साथ ही जेईई एवं नीट कक्षाओं का संचालन भी नियमित रूप से नहीं किया गया और स्मार्ट बोर्ड का उपयोग बिल्कुल नहीं हुआ।

      इन गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए प्रभारी प्राचार्य के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिये प्रस्ताव कलेक्टर श्री सिंह को भेजा जा रहा है। साथ ही संबंधित शिक्षकों को असंचयी प्रभाव से एक वेतन वृद्धि रोकने के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। बिना स्वीकृति के अवकाश पर रहने वाले शिक्षकों की उस अवधि का वेतन काटने के निर्देश आहरण एवं संवितरण अधिकारी को दिये गये हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *