भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म और धर्म के पथ पर अडिग रहना सिखाया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Chautha Sthambh

भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म और धर्म के पथ पर अडिग रहना सिखाया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई
सदैव पाथेय रहेगी अत्याचारों के विरुद्ध भगवान श्रीकृष्ण की वीरोचित भूमिका

भोपाल (चौथा स्तंभ )

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की बधाई एवं मंगलकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण हमें जीवन की कठिनाइयों में भी मुस्कुराना सिखाते हैं, जिनको कोई तृष्णा नहीं, उनका नाम ही श्रीकृष्णा है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन अनेक कष्ट और संघर्षों से भरा रहा, फिर भी वे अपने कर्त्तव्य से विमुख नहीं हुए। उनका जीवन हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी है। उन्होंने एक ओर जहां कालिया नाग को काबू में करके उसके फन पर नृत्य कर जीवन के कठिन से कठिन समय में मुस्कुराना सिखाया, वहीं दूसरी ओर कंस जैसे दुराचारी और अत्याचारी को उसके घर में मारकर साहस और वीरता के लिए प्रेरित किया। अत्याचारों के विरूद्ध उनकी वीरोचित भूमिका आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव पाथेय रहेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जारी संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के भीषण युद्ध के बीच कर्मवाद के सिद्धांत से बताया कि चाहे कैसी भी विकट परिस्थिति हो, हमें बुद्धि और धैर्य का परिचय देते हुए सदैव कर्म और धर्म के सद्मार्ग पर अडिग रहना चाहिए। जीवन के हर पड़ाव में गोपाल श्रीकृष्ण के विविध रूप नजर आते हैं। इनमें गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण, श्रीराधा-कृष्ण, विराट रूपधारी श्रीकृष्ण, योगीराज श्रीकृष्ण और द्वारकाधीश श्रीकृष्ण शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण ललित कलाओं में पारंगत थे। उन्होंने विश्व को कलाओं से परिचित कराया। वे हम सबके लिए सदैव पूजनीय हैं और रहेंगे।

- Advertisement -
  • Share This Article
    Leave a Comment

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *